पुल नीचे 40 जिंदा कारतूस  सोर्स- AI
नागपुर

नागपुर में जाम नदी के पुल के नीचे मिले 40 जिंदा कारतूस, पुलिस महकमे में हड़कंप; सुरक्षा गार्ड ने खोला राज

Jalalkheda Police Station Nagpur: नागपुर के भारसिंगी में जाम नदी के पुल नीचे 40 जिंदा कारतूस मिलने से सनसनी फैल गई। सुरक्षा गार्ड की सूचना पर पहुंची पुलिस ने कारतूस जब्त कर जांच शुरू कर दी है।

प्रमोद यादव

Highlights

  • नागपुर जिले के भारसिंगी में जाम नदी पुल के नीचे करीब 40 जिंदा कारतूस मिले।

  • बुधवार दोपहर लगभग 12:30 बजे सुरक्षा गार्ड की नजर कारतूसों पर पड़ी।

  • सूचना मिलने पर जलालखेड़ा पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और कारतूस जब्त किए।

  • अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल मस्के ने भी मौके का जायजा लिया।

  • कारतूस किसके हैं और उन्हें वहां किस उद्देश्य से रखा गया था, इसकी जांच जारी है।

Bharsingi Jam River Live Cartridges: नागपुर जिले के जलालखेड़ा थाना क्षेत्र के भारसिंगी में जाम नदी के पुल के नीचे करीब 40 जिंदा कारतूस मिलने से हड़कंप मच गया। बुधवार को दोपहर करीब 12.30 बजे यह मामला सामने आया।

एक साथ इतनी बड़ी संख्या में कारतूस मिलने से पुलिस महकमे में भी हलचल मच गई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कारतूस किसके हैं और उन्हें पुल के नीचे किसने तथा किस उद्देश्य से रखा था।

लघुशंका के लिए गए सुरक्षा गार्ड को दिखे कारतूस

नागपुर जिले के जलालखेड़ा थाना क्षेत्र के भारसिंगी में जाम नदी पर नए पुल का निर्माण कार्य जारी है। निर्माण स्थल की सुरक्षा के लिए एक सुरक्षा गार्ड तैनात किया गया है। बुधवार दोपहर सुरक्षा गार्ड लघुशंका के लिए पुल के नीचे गया था।

इसी दौरान उसकी नजर वहां पड़े कारतूसों पर पड़ी कारतूसों की संख्या अधिक होने के कारण उसने तत्काल अपने वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद जलालखेड़ा पुलिस को सूचना दी गई।

सूचना मिलते ही जलालखेड़ा पुलिस थाने के थानेदार विनोद जांभले पुलिस दल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया और वहां मिले कारतूस जब्त कर लिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल मस्के ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और जांच की।

कारतूस कहां से आए, जांच में जुटी पुलिस

जाम नदी पुल के नीचे एक साथ करीब 40 जिंदा कारतूस मिलने से कई सवाल खड़े हो गए हैं। ये कारतूस वहां कैसे पहुंचे, इन्हें किराने छिपाकर रखा था और इनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था। पुलिस इन सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

फिलहाल कारतूसों के मालिक और उन्हें वहां रखने वाले व्यक्ति के संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

जलालखेडा पुलिस थाने के गानेदार विनोद जांभले ने बताया कि मामले के संबंध में विस्तृत जानकारी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल मस्के देंगे, पुलिस की जांच के बाद ही कारतूसों के स्रोत और उन्हें पुल के नीचे रखने के पीछे के कारणों का खुलासा हो सकेगा।

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