Chandrashekhar Bawankule on Mamata Banerjee (फोटो क्रेडिट-X)  
नागपुर

ममता बनर्जी आखिरी का रोना रो रही हैं, बावनकुले बोले- लेकिन जनता मोदी को ही देगी वोट

Chandrashekhar Bawankule: चंद्रशेखर बावनकुले ने ममता बनर्जी के 'आखिरी चुनाव' वाले बयान पर निशाना साधा। कहा- बंगाल की जनता सहानुभूति नहीं, मोदी के विकास को चुनेगी।

अनिल सिंह

Chandrashekhar Bawankule on Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा हाल ही में दिए गए 'चिकन-मटन' और 'आखिरी चुनाव' वाले बयानों पर महाराष्ट्र की राजनीति में भी तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। नागपुर में मीडिया से बात करते हुए महाराष्ट्र के मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने ममता बनर्जी पर कड़ा प्रहार किया। बावनकुले ने कहा कि ममता बनर्जी हार के डर से अब 'सहानुभूति कार्ड' खेल रही हैं, लेकिन जनता उनकी इन बातों में नहीं आने वाली है।

बावनकुले ने स्पष्ट रूप से कहा कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री का यह कहना कि यह उनका 'आखिरी चुनाव' हो सकता है, केवल वोट बैंक की राजनीति का हिस्सा है। उनके अनुसार, तृणमूल कांग्रेस (TMC) के पैरों तले से जमीन खिसक चुकी है।

सहानुभूति की राजनीति और 'डर्टी वोट पॉलिटिक्स'

चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि ममता बनर्जी सहानुभूति पैदा करने और गंदी वोट बैंक की राजनीति करने की कोशिश कर रही हैं। उनके बयानों से साफ झलकता है कि वे हताश हैं। बावनकुले ने तंज कसते हुए कहा कि "ममता जी आखिरी बार का रोना रोकर जनता को इमोशनल ब्लैकमेल करना चाहती हैं, लेकिन पश्चिम बंगाल की जागरूक जनता अब उनकी असलियत जान चुकी है।" उनके अनुसार, विपक्ष के पास विकास का कोई एजेंडा नहीं बचा है, इसलिए वे इस तरह के विवादित और भावनात्मक बयान दे रहे हैं।

विकसित भारत के लिए मोदी पर भरोसा

चंद्रशेखर बावनकुले ने दावा किया कि इस बार पश्चिम बंगाल के लोग सहानुभूति के आधार पर नहीं, बल्कि देश के विकास के आधार पर मतदान करेंगे। उन्होंने कहा, "जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के संकल्प के साथ खड़ी है। ममता बनर्जी चाहे कितनी भी कोशिश कर लें, पश्चिम बंगाल में इस बार बदलाव की लहर है।" उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ जिस तरह से बंगाल के गरीब तबके तक पहुँचा है, उसका परिणाम चुनाव परिणामों में स्पष्ट रूप से दिखाई देगा।

विवादित बयानों से जनता में नाराजगी

चिकन-मटन वाले बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए बावनकुले ने कहा कि खान-पान और धार्मिक भावनाओं को राजनीति में घसीटना विपक्ष की पुरानी आदत रही है। उन्होंने कहा कि तुष्टीकरण की राजनीति अब काम नहीं आने वाली है। बावनकुले ने जोर देकर कहा कि बीजेपी केवल विकास और राष्ट्रवाद के मुद्दे पर चुनाव लड़ रही है, जबकि विपक्षी नेता केवल अपने अस्तित्व को बचाने के लिए निराधार बयानबाजी कर रहे हैं। नागपुर के राजनीतिक गलियारों में बावनकुले का यह बयान काफी चर्चा बटोर रहा है।

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