Banking Sector Nagpur MSME Loan Growth: पिछले कुछ वर्षों में कर्ज बांटने के ट्रेंड में बदलाव देखने को मिल रहा है। बड़े कर्ज लेने वाले बढ़ रहे हैं। यही कारण है कि कर्ज लेने वाले एकाउंट में कमी दर्ज की जा रही है, जबकि कर्ज राशि में अच्छी खासी वृद्धि देखी गई है। वहीं दूसरी ओर पिछले 5-6 वर्षों का डेटा देखें तो नागपुर जिले में कर्ज देने की रफ्तार में अनुमान से काफी ज्यादा वृद्धि देखने को मिली है। वर्ष 2019-20 में नागपुर में 13,124 करोड़ रुपये का कुल बांटा गया था, जबकि 2020-21 में यह बढ़कर 27,700 करोड़ हो गया था।
वर्ष 2025-26 की बात करें तो नागपुर जिले में 79,210 करोड़ रुपये का कर्ज बांटा गया है। यानी 2020 से लेकर 2026 तक के बीच में 51,510 करोड़ रुपये का पोर्टफोलियो बढ़ गया है। इसे नागपुर की बढ़ती 'हैसियत' के तौर पर भी देखा जा सकता है। अच्छी बात यह है कि पहले एमएसएमई सेक्टर कर्ज हासिल करने के लिए मशक्कत करता था लेकिन अब एमएसएमई सेक्टर के ऊपर बैंक मेहरबान हैं।
2025-26 में इस सेक्टर को बैंकों ने 30,110 करोड़ रुपये का कर्ज दिया है। केंद्र और राज्य सरकार एमएसएमई सेक्टर को रीढ़ मानती हैं और इसे बढ़ाने के लिए कई योजनाएं भी पेश कर रही हैं। इस योजनाओं में एक बात कर्ज उपलब्धता बढ़ाना भी है। यही कारण है कि बैंक प्राथमिकता के साथ इस सेक्टर को कर्ज दे रहे हैं। इस सेक्टर के बढ़ने के कारण ही बैंकों के पोर्टफोलियो में भी तेजी से इजाफा हुआ है।
सरकार ने कई सेक्टरों को एमएसएमई सेक्टर में लाने की घोषणा की थी। व्यापारियों को भी एमएसएमई के तहत लाया गया था। इसके साथ ही टर्नओवर के पैमाने में भी बदलाव किया गया था जिसके कारण कर्ज की राशि बढ़ी है। वर्ष 2024-25 में एमएसएमई सेक्टर को 20,589 करोड़ रुपये का कर्ज प्रदान किया गया था जो वर्ष 2025-26 में बढ़कर 30,110 करोड़ रुपये पहुंच गया है।
हालांकि यह एक दिलचस्प बात यह है कि कर्ज लेने वालों की संख्या में कमी दर्ज की गई है। 2024-25 में जहां 1,72,094 लोगों ने एमएसएमई कर्ज का लाभ लिया था वहीं 2025-26 में यह आंकड़ा 1,09,964 रह गया। स्पष्ट है कि कम लोग ज्यादा बड़ा कर्ज ले रहे हैं और कारोबार को बढ़ा रहे हैं। 2020-21 में एमएसएमई कर्ज का पोर्टफोलियो 6,470 करोड़ रुपये का ही था, जबकि तब भी 1,28,157 लोग इस सेक्टर में कर्ज ले रहे थे।
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क्रॉप लोन की बजाय अब किसान और कृषि से जुड़े लोग क्रॉप टर्म लोन लेने को प्राथमिकता दे रहे है। स्पष्ट है कि वे कृषि कार्यों को आधुनिक बनाने के जुगत में है। ट्रैक्टर, उपकरण खरीदी को महत्व देने लगे हैं। नागपुर जिले में पिछले वर्ष कुल 7,847 करोड़ रुपये का कुल कर्ज वितरण किया गया था जिसमें क्रॉप लोन की हिस्सेदारी 1,411 करोड़ रुपये रही, जबकि एग्री टर्म लोन की हिस्सेदारी 6,435 करोड़ रुपये पहुंच गई। इस श्रेणी में लोगों को ट्रैक्टर, नेट, सिंचन, उपकरण आदि खरीदने के लिए कर्ज प्रदान किया जाता है। वर्ष 2019-20 में एग्री लोन का आकार 1,305 करोड़ था जो 2020-21 में भी महज 3,262 करोड़ पहुंचा। आज यह 7,800 करोड़ के आंकड़े को पार कर चुका है।