नागपुर एयरपोर्ट, महाराष्ट्र सुरक्षा बल, सुरक्षा जवान, बुनियादी सुविधाएं, (सोर्स: नवभारत फाइल फोटो)  
नागपुर

नागपुर एयरपोर्ट पर सुरक्षा जवानों की मुश्किलें, तीन शिफ्ट में ड्यूटी; बुनियादी सुविधाएं नदारद

Nagpur Airport News: नागपुर एयरपोर्ट के बाहरी परिसर में तैनात महाराष्ट्र सुरक्षा बल के जवानों को बुनियादी सुविधाओं के बिना ड्यूटी करनी पड़ रही है। धूप, पानी व शेड की कमी से उनकी कार्यस्थितियों पर सवाल

अंकिता पटेल

Nagpur Airport MSF Security: नागपुर डॉ. बाबासाहब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय नागपुर एयरपोर्ट के बाहरी परिसर में सुरक्षा के लिए एयरपोर्ट परिसर में 24 घंटे मुस्तैदी से ड्यूटी निभाने वाले महाराष्ट्र सुरक्षा बल (एमएसएफ) के जवान बुनियादी सुविधाओं के अभाव में जोखिम उठाकर अपना कर्तव्य निभा रहे हैं। एयरपोर्ट प्रशासन ने बाहरी सुरक्षा व्यवस्था के तहत तीन अलग-अलग शिफ्टों में सुरक्षा दीवार से सटे सुनसान मार्गों सहित आसपास के परिसरों में एमएसएफ जवानों की तैनाती की है।

प्रत्येक शिफ्ट में 18 सुरक्षा कर्मी तैनात होते हैं लेकिन उनके लिए न छांव, न पीने का पानी और न ही बारिश से बचाव का कोई इंतजाम किया गया है। ऐसे में चिलचिलाती गर्मी के बीच कड़ी धूप में घंटों ड्यूटी करने वाले इन जवानों को खुले आसमान के नीचे खड़ा रहना पड़ रहा है।

एयरपोर्ट सुरक्षा जवानों को बुनियादी सुविधाओं का अभाव, प्रशासन पर सवाल

अब मानसून की शुरुआत के बावजूद उनके लिए अस्थायी शेड तक उपलब्ध नहीं कराया गया है। इसलिए बारिश से बचने की भी कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसी अव्यवस्था के बीच सुरक्षा व्यवस्था चरमराने की स्थिति भी बन सकती है लेकिन एयरपोर्ट प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।

इससे साफ है कि एसी रूम में बैठकर सुचारु व्यवस्था का दावा करने वाले अधिकारियों को एमएसएफ के जवानों की तकलीफ का जरा भी एहसास नहीं है। जवानों की तैनाती परिसर में सुरक्षित विश्राम स्थल या सुरक्षा शेड की व्यवस्था नहीं की गई है।

एमएसएफ जवानों की जिम्मेदारी एयरपोर्ट के बाहरी परिसर में सुरक्षा घेरे पर निगरानी रखना है। वे यह सुनिश्चित करते हैं कि कोई व्यक्ति एयरपोर्ट की सुरक्षा दीवार के करीब न पहुंचे, आसपास अनावश्यक भीड़ जमा न हो और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल नजर रखी जा सके। एयरपोर्ट की सुरक्षा में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है।

पेड़ के सहारे खुद ही बनाये शेड

जायजा लेने पर देखने में आया कि एयरपोर्ट परिसर में कई जवानों ने मजबूरी में खुद ही पेड़ों और टहनियों का सहारा लेकर अपने स्तर पर टूटे-फूटे अस्थायी शेड बना लिए हैं, ताकि धूप और बारिश से कुछ तो राहत मिल सके। जिन स्थानों पर जवानों की तैनाती की गई है, वहां आसपास झाडियां और जंगलनुमा क्षेत्र है। कई बार वहां सांप और अन्य जहरीले जीव-जंतु निकल आते हैं। इससे जवानों की जान भी जोखिम में पड़ जाती है।

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