Nagpur International Airport Devendra Fadnavis: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि नागपुर के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के विकास की दिशा में गुरुवार का दिन शहरवासियों के लिए एक ऐतिहासिक अवसर है। अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि विदर्भके पर्यटन और खनन क्षेत्र के विकास को भी नई गति मिलेगी। उन्होंने नागपुर से सिंगापुर और दुबई के लिए सीधी हवाई कनेक्टिविटी शुरू करने की मांग केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के समक्ष रखते हुए कहा कि नागपुर देश का 'जीरो माइल' शहर है और यहां से लगभग सवा घंटे की हवाई दूरी पर देश के चार बड़े महानगर स्थित हैं।
विदर्भ के औद्योगिक क्षेत्र तथा कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नागपुर स्थित डॉ. बाबासाहब आंबेडकर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का हस्तांतरण जीएमआर एयरो / जीएमआर ग्रुप को किया गया। इस अवसर पर महापौर नीता ठाकरे, सांसद एवं पूर्व केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री प्रफुल पटेल, सांसद श्यामकुमार बर्वे, सांसद माया इवनाते, नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सचिव समीर सिन्हा, विभागीय आयुक्त विजयालक्ष्मी बिदरी, एमआईएल के प्रबंध निदेशक एवं मनपा आयुक्त डॉ। विपिन इटनकर तथा जीएमआर एयरो के अध्यक्ष जी।बी।एस। राजू प्रमुखता से उपस्थित थे।
गडकरी ने कहा कि आज नागपुर जहां लॉजिस्टक हब के रूप में विकसित हो रहा है, वहीं यहां टाइगरों की संख्या बढ़ती जा रही है। दुनिया भर से वाइल्ड लाइफ एक्सपर्ट्स व पर्यटक ताड़ोबा अंधारी टाइगर रिजर्व, पेंच नेशनल पार्क तथा उमरेड के करहांडला में बाघों को देखने आते हैं। महाराष्ट्र के लगभग 75 प्रतिशत खनिज संसाधन विदर्भ में स्थित हैं और नागपुर में बड़े पैमाने पर औद्योगिक परियोजनाएं स्थापित हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि नागपुर की सड़कें बेहतर हुई हैं। रेलवे स्टेशन अंतरराष्ट्रीय स्तर के बनाए जा रहे हैं। मेट्रो नेटवर्क का विस्तार हो रहा है और शहर एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब के रूप में उभर रहा है। नागपुर को यात्री तथा कार्गो हब के रूप में भी विकसित किया जा रहा है। नागपुर का संतरा विश्व भर में प्रसिद्ध है। इसीलिए उन्होंने हवाई अड्डे पर 'संतरा बर्फी' को जगह देने का सुझाव दिया।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि हवाई अड्डे के दूसरे रनवे पर यात्री एवं माल परिवहन को बड़े पैमाने पर संचालित किया जाएगा। नागपुर में स्थित वायु सेना की मेंटेनेंस कमांड और अन्य रक्षा प्रतिष्ठानों के कारण विमानन उद्योग में बड़े निवेश आ रहे हैं। दूसरे रनवे के माध्यम से नागपुर 'डिफेंस एविएशन मैन्युफैक्चरिंग हब' अर्थात रक्षा विमानन निर्माण का प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा, जिससे शहर में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित होगा।
उन्होंने जीएमआर से कहा कि सेकंड फेज वर्ष 2030 के बजाय इससे पहले बनाए। हर सरकार की जिंदगी 5 साल की रहती है, जिसके चलते हमें इसी अवतार में वर्ल्ड क्लास एयरपोर्ट देखना है। यह एयरपोर्ट नागपुर, विदर्भ और मध्य भारत के इकोनॉमिक ग्रोथ का इंजन बनेगा। एयरपोर्ट बनने के बाद जो इकोसिस्टम तैयार होगा, वह निश्चत रूप से हम सभी के लिए आर्थिक उन्नति का बहुत बड़ा रास्ता होगा।
अब इसके निर्माण में किसी तरह कोई रुकावट नहीं आयेगी। आज देश में लगातार नए-नए हवाई अड्डों का निर्माण हो रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए हमने नागपुर हवाई अड्डे को बड़ा और आधुनिक बनाने का संकल्प लिया। इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार के स्तर पर लगातार प्रयास किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस हवाई अड्डे पर यात्री और कार्गो परिवहन को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए दो टर्मिनल और दो रनवे आवश्यक हैं। हस्तांतरण के बाद अब इस दिशा में आगे बढ़ने का मार्ग पूरी तरह प्रशस्त हो गया है।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राम मोहन नायडू ने कहा कि नागपुर हवाई अड्डे का यह केवल हस्तांतरण नहीं है, बल्कि यह विदर्भ के विकास के लिए एक नए 'टेक ऑफ' का क्षण है। यह हवाई अड्डा केवल यात्री परिवहन का केंद्र बनकर नहीं रहेगा, बल्कि औद्योगिक विकास का एक प्रमुख केंद्र भी बनेगा। उन्होंने बताया कि यात्री सेवाओं के साथ-साथ यहां एक कार्गो हब भी विकसित किया जाएगा, जिससे विदर्भ के आर्थिक और औद्योगिक विकास के नए अवसर खुलेंगे तथा क्षेत्र की प्रगति को नई गति मिलेगी।
उन्होंने यह भी कहा कि नागपुर को वैश्विक स्तर पर बेहतर हवाई संपर्क प्रदान करने के लिए दुबई, सिंगापुर के साथ-साथ यूरोप, यूएस तथा विश्व के अन्य प्रमुख देशों से सीधी हवाई सेवाएं शुरू करने को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे नागपुर और विदर्भ क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय व्यापार, निवेश, पर्यटन और निर्यात के क्षेत्र में महत्वपूर्ण लाभ प्राप्त होगा।