Nagpur Thermal Power Pollution: नागपुर कोराडी और खापरखेड़ा ताप बिजली घरों से उठने वाली राख के कारण होते प्रदूषण को लेकर राजेश उर्फ धम्मेश चौहान ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की। इसी तरह से शहर में चल रहे निरंतर निर्माण कार्यों के कारण हवा में उड़ती धूल, सीमेंट और सूक्ष्म कणों ने नागपुर की वायु गुणवत्ता को खतरनाक स्तर पर पहुंचा दिया है।
इस गंभीर स्थिति का संज्ञान लेते हुए हाई कोर्ट ने राज्य सरकार, महानगरपालिका, प्रन्यास और अन्य संबंधित विभागों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था। मंगलवार को इन दोनों याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई की गई।
सुनवाई के दौरान मनपा की पैरवी कर रहे अधि। जेमिनी कासट ने 12 जनवरी को दिए गए आदेश के अनुसार रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए समय प्रदान करने का अनुरोध कोर्ट से किया जिसके बाद न्यायाधीश अनिल किलोर और न्यायाधीश राज वाकोडे ने समय प्रदान कर सुनवाई स्थगित कर दी।
कोर्ट ने आदेश में स्पष्ट कहा था कि यह अपेक्षा की जाती है कि दोनों संचालन समितियां उपर्युक्त सरकारी प्रस्ताव के अनुपालन में आयोजित बैठकों की संख्या के संबंध में एक रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगी। इसी तरह 8 जुलाई 2024 की उपर्युक्त रिपोर्ट में उल्लेखित प्राधिकारियों को जिन्हें उक्त रिपोर्ट में दिए गए सुझावों को लागू करने की आवश्यकता है, अपने हलफनामे दायर कर यह बताना होगा कि उन्होंने इन सुझावों को लागू करने के लिए क्या कदम उठाए हैं, जैसा कि रिकॉर्ड बुक में दर्ज किया गया है। अदालत मित्र का मानना था कि नीरी और आईआईटी बॉम्बे द्वारा नागपुर की वायु गुणवत्ता पर एक संयुक्त रिपोर्ट पेश की गई थी। इस रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया था कि शहर में जारी निर्माण परियोजनाएं, औद्योगिक उत्सर्जन और वाहनों से निकलने वाला धुआं प्रदूषण के मुख्य कारक है। रिपोर्ट में सुधार के लिए कई उपाय भी सुझाए गए थे लेकिन इन सिफारिशों पर अब तक कोई ठोस कार्यान्वयन नहीं किया गया है।
अदालत का ध्यानाकर्षित करते हुए बताया गया कि केंद्र सरकार के 'नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम' के तहत जिलाधिकारी और मनपा आयुक्त के नेतृत्व में गठित प्रदूषण नियंत्रण समिति पूरी तरह निष्क्रय है।
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इस समिति को हर महीने बैठकें कर रिपोर्ट तैयार करनी थी लेकिन इसकी लापरवाही का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण नागरिकों में श्वसन रोग, दमा (अस्थमा) और सीने में संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।