

Nagpur Illegal Sand Mining: नागपुर अवैध रेत परिवहन ओवरलोड वाहनों और कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ शिवसेना (यूबीटी) ने नागपुर शहर के प्रादेशिक परिवहन कार्यालय (आरटीओ) पर जोरदार मोर्चा निकाला। नितिन तिवारी के नेतृत्व में ट्रांसपोर्टरों और कार्यकर्ताओं ने आरटीओ कार्यालय का घेराव कर अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए, आंदोलनकारियों ने मांग की कि जिस तरह पुलिस ने रेत माफियाओं पर मकोका की कार्रवाई की है उसी तरह भ्रष्ट आरटीओ अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कर उन पर कार्रवाई की जाए।
शिवसेना नेताओं ने आरोप लगाया कि नियमों के अनुसार ओवरलोड गौण खनिज वाहनों की रॉयल्टी जब्त कर उसका सत्यापन राजस्व विभाग से कराया जाना चाहिए। इसके बाद 2.50 लाख रुपये तक का दंड वसूला जाना अनिवार्य है लेकिन यह प्रक्रिक नहीं अपनाए जाने से सरकार का करोड़ों रुपये का राजस्व डूब रहा है और अवैध रेत तस्करी को बढ़ावा मिल रहा है।
मोर्चे के दौरान तिवारी ने कहा कि शहर की सड़कों पर खुलेआम राख, रेत और गिट्टी से भरे वाहन नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए बॉडी की ऊंचाई से अधिक माल लेकर दौड़ रहे हैं। इन वाहनों से उड़ने वाली धूल और रेत के कारण पीछे चलने वाले वाहन चालक दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। वहीं ओवरलोड गिट्टी गिरने से कई कारों के कांच टूटने और लोगों के घायल होने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं।
तिवारी ने आरोप लगाया कि आरटीओ का फ्लाइंग स्क्वाड और रास्ता सुरक्षा पथक दलाली के जरिए ओवरलोड वाहनों से मोटी रकम वसूल रहा है जिसके कारण कार्रवाई नहीं हो रही। अप्रैल 2026 में आरटीओ ने एक भी गौण खनिज वाहन पर कार्रवाई नहीं की, जबकि जिले की पुलिस रेत माफियाओं पर मकोका जैसी सख्त कार्रवाई कर रही है।
तो अधिकारियों पर भी लगाया जाये मकोका तिवारी ने मांग की कि आरटीओ फ्लाइंग स्ववाह और रास्ता सुरक्षा पथक के वाहनों के जीपीएस रिकॉर्ड, ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों की मोबाइल लोकेशन तथा शौर्या टेक कंपनी के वाहनों के जीपीएस डेटा की जांच कराई जाए, बिना आरटीओ अधिकारियों की मिलीभगत से रेत तस्करी का इतना बड़ा साम्राज्य चल ही नहीं सकता।
पुलिस ने रेत तस्कर कल्लू खान को अरेस्ट करके उसकी गैंग पर मकोका लगाया है। हमारी मांग है कि कल्लू को जिन आरटीओ अधिकारियों का तस्करी में साथ मिल रहा था उन पर भी मकोका लगाया जाये।
तिवारी ने आरोप लगाया कि सहायक परिवहन अधिकारी मनोज औतारी और संतोष काटकर बिना पूर्व अनुमति के कई बार कार्यालय से अनुपस्थित रहते हैं जिससे आम जनता को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने यह भी कहा कि आरटीओ किरण बिडकर बड़े नेताओं को खुश करने में ही व्यस्त रहते हैं जिस कारण कार्यालय पर उनका नियंत्रण नहीं रहा और दलाल सक्रिय हो गए हैं। शिवसेना नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि आरटीओ की व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो सड़क पर उतरकर बैंड-बाजा के साथ भ्रष्टाचार का खुलासा किया जाएगा।
इस आंदोलन में मुन्ना तिवारी, आशीष हाड़गे, ललित बावनकर, भूपेंद्र कठाने, मुकेश सूर्यवंशी, कमलेश त्रिपाठी, बबलू शेख, नीलेश घोड़े, अमोल कलम्बे, मिलिंद हटवार, सत्यशील, मनोज उइके, मनोज नंदनवार सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।