रिंग रोड (फाइल फोटो) 
नागपुर

13748 करोड़ का तीसरा रिंग रोड, ‘गोल्डन आर्च’ के रूप में होगा विकसित, 4 ट्रांसपोर्ट प्लाजा का लक्ष्य

Nagpur News: NMRDA द्वारा प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में आने वाले हिस्सों तथा सिटी में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दृष्टि से अब ‘गोल्डन आर्च’ राजमार्ग परियोजना का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

प्रिया जैस

Ring Road: नागपुर महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (NMRDA) द्वारा प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में आने वाले हिस्सों तथा सिटी में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दृष्टि से अब ‘गोल्डन आर्च’ राजमार्ग परियोजना का प्रस्ताव तैयार किया गया है। सिटी के इनर रिंग रोड के बाद आउटर रिंग रोड का काम लगभग पूरा हो रहा है। इस बीच अब सिटी के लिए तीसरे रिंग रोड की तैयारी के रूप में इस प्रकल्प को देखा जा रहा है।

भविष्य में सिटी के बढ़ते दायरे के रूप में भौगोलिक क्षेत्र को समाहित करने के उद्देश्य से इस प्रकल्प का लक्ष्य रखा गया। यह परियोजना न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगी बल्कि नागपुर को शिक्षा, उद्योग, व्यवसाय और चिकित्सा के क्षेत्र में राष्ट्रीय मानचित्र पर एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करेगी। बताया जाता है कि पूरे प्रकल्प पर लगभग 13,748 करोड़ खर्च होने का अनुमान है।

शहर की यातायात व्यवस्था में क्रांति

नागपुर शहर में वाहनों के बढ़ते दबाव और यातायात की भीड़ को कम करने के लिए यह बाहरी रिंग रोड अत्यंत आवश्यक है। यह परियोजना नागपुर को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाले कई राष्ट्रीय राजमार्गों को आपस में जोड़ेगी जिससे यातायात सुगम होगा और शहर का औद्योगिक तथा आर्थिक विकास भी संभव हो पाएगा। सिटी का वर्तमान सड़क नेटवर्क भविष्य की दृष्टि से सीमित दिखाई दे रहा है। यही कारण है कि गड़चिरोली, चंद्रपुर, वर्धा, भंडारा, उमरेड, गोंदिया, अमरावती, हिंगना, काटोल, भोपाल, जबलपुर जैसे इलाकों से आने वाले भारी वाहनों के सिटी से गुजरते समय ट्रैफिक की समस्या से दो-चार होना पड़ता है, इसलिए इससे निपटने के लिए तीसरे रिंग रोड की योजना तैयार की गई है।

मुख्य उद्देश्य

  • नागपुर में वाहनों के भीड़भाड़ को कम करना।
  • शहर से गुजरने वाले भारी वाहनों को शहर के बाहर से मार्ग प्रदान करना।
  • नागपुर और विदर्भ के महत्वपूर्ण औद्योगिक और व्यापारिक केंद्रों को जोड़ना।

148 किलोमीटर लंबा होगा रिंग रोड

  • यह रिंग रोड लगभग 148 किलोमीटर लंबा और 120 मीटर चौड़ा होगा।
  • यह गड़चिरोली, चंद्रपुर, वर्धा, उमरेड, गोंदिया, अमरावती, हिंगना, काटोल, भोपाल और जबलपुर जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्गों को जोड़ेगा।

4 ट्रांसपोर्ट प्लाजा का लक्ष्य

सड़क के किनारे 4 महत्वपूर्ण ट्रांसपोर्ट प्लाजा (ट्रक और बस टर्मिनल) भी प्रस्तावित हैं जो हिंगना स्थित तुरागोंदी, शिरूल; कामठी तहसील स्थित परसाड और पारशिवनी स्थित इटगांव में बनेंगे।

1,697.18 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण

  • इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का अनुमानित खर्च 4,800 करोड़ रुपये है।
  • निर्माण लागत लगभग 8,948 करोड़ रुपये होगी।
  • कुल अनुमानित खर्च 13,748 करोड़ रुपये है।
  • नागपुर जिले की 9 तहसीलों के अंतर्गत आने वाले 99 गांवों में लगभग 1,697.18 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा।

लंबी अवधि की सेवाओं का डिजाइन

सूत्रों के अनुसार सिटी में कोई भी नई तकनीकी या प्रणाली लागू करने के लिए सड़कों की खुदाई करनी पड़ती है किंतु इस ‘गोल्डन आर्च’ प्रकल्प में भविष्य की जरूरतों को देखते हुए लंबी अवधि की सेवाओं को पूरा करने के उद्देश्य से डिजाइन तैयार किया गया है। योजना से आईटी, वित्त और सेवा क्षेत्रों में महत्वपूर्ण रोजगार के अवसर पैदा होने की भी उम्मीद जताई जा रही है। मौजूदा आउटर रिंग रोड से परे तीसरे रिंग रोड के रूप में योजनाबद्ध, ‘गोल्डन आर्च’ का उद्देश्य प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों NH-53, NH-44, NH-47 और NH-347 को जोड़ना है।

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