Mumbai Youth Congress Protest Dadar: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्द्वानी में आयोजित सभा के बाद 'शुद्धीकरण' किए जाने की घटना को लेकर आक्रोश बढ़ गया है। इस घटना को लेकर मुंबई युवा कांग्रेस ने सोमवार को दादर में भाजपा व आरएसएस की कथित जातिवादी और मनुवादी मानसिकता के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। गुस्साए कार्यकर्ताओं ने मनुस्मृति की प्रतियां जलाकर अपना गुस्सा जाहिर किया। मुंबई युवा कांग्रेस अध्यक्ष जीनत शबरीन के नेतृत्व में दादर के भाजपा कार्यालय के सामने आंदोलन किया गया। युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने मनुस्मृति की प्रतियां जलाकर भाजपा-आरएसएस की मनुवादी विचारधारा का विरोध किया।
शबरीन ने कहा कि खड़गे की सभा के बाद सभा स्थल का 'शुद्धीकरण' करना जातिवादी मानसिकता की पराकाष्ठा है। यह केवल खड़गे का अपमान नहीं, बल्कि देश के करोड़ों दलित, वंचित और शोषित नागरिकों का अपमान है। भारतीय संविधान ने हर नागरिक को समानता का अधिकार दिया है। जाति-पाति की मानसिकता को बढ़ावा देने वाली प्रवृत्तियों के खिलाफ युवा कांग्रेस लगातार संघर्ष करती रहेगी।
'वंदे मातरम्' को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने बीजेपी पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि'वंदे मातरम् 'गाते हुए देशभक्त फांसी पर चढ़ रहे थे, तब फडणवीस के पूर्वज अंग्रेजों का साथ दे रहे थे। पहले आरएसस अपनी शाखाओं में 'वंदे मातरम्' गाना शुरू करे।
महिलाओं को निकाय संस्थाओं में 33% आरक्षण कांग्रेस ने ही दिया। महिला आरक्षण 2023 में ही मंजूर हो चुका है। विरोध देश को उत्तर-दक्षिण में बांटने वाले परिसीमन विधेयक का है। फडणवीस पहले पंकजा मुंडे को मुख्यमंत्री बनाएं और फिर बात करें।
शबरीन ने कहा कि भारतीय संविधान ने देश के प्रत्येक नागरिक को समानता, स्वतंत्रता, बंधुता और सामाजिक न्याय का अधिकार दिया है।
छत्रपति शिवाजी महाराज, महात्मा फुले, राजर्षि शाहू महाराज और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के प्रगतिशील विचारों की विरासत वाले महाराष्ट्र में जातीय भेदभाव और मनुवादी विचारधारा के लिए कोई स्थान नहीं है।