

Mumbai Inflation Tea Auto Taxi Fare Hike: महंगाई की लगातार बढ़ती मार से मुंबईकरों की जेब पर डबल अटैक होने वाला है। ऑटो-रिक्शा और काली-पीली टैक्सी के किराए में बढ़ोतरी लागू हो गई है। रिक्शा का न्यूनतम किराया एक रुपए, जबकि टैक्सी का 2 रुपए बढ़ गया है। बढ़ते ईंधन के दाम, स्पेयर पार्ट्स की कीमतों में वृद्धि और महंगाई को देखते हुए यह किराया बढ़ाया गया है।
इस बढ़ोतरी से मुंबई समेत एमएमआर के लाखों यात्रियों की जेब पर आज से सीधा असर पड़ने वाला है। वहीं, चीनी, दूध, गैस और चायपत्ती की बढ़ती कीमतों के कारण मुंबईकरों के पसंदीदा कटिंग चाय के दाम में भी 3 रुपए तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है।
एमएमआर में आज से लागू नई दरों के अनुसार सफर के शुरुआती चरण में ही यात्रियों को अधिक भुगतान करना होगा। पहले डेढ़ किलोमीटर के लिए निर्धारित न्यूनतम किराए में बढ़ोतरी की गई है। काली-पीली टैक्सी का न्यूनतम किराया अब 31 से बढ़कर 33 रुपए हो गया है। इस तरह टैक्सी यात्रियों को सीधे 2 रुपए अधिक देने होंगे। वहीं, ऑटो रिक्शा का न्यूनतम किराया 26 से बढ़कर 27 रुपए हो गया है। सिर्फ न्यूनतम किराए में ही नहीं, बल्कि इसके बाद प्रत्येक किलोमीटर के किराए में भी बढ़ोतरी की गई है। टैक्सी का प्रति किलोमीटर किराया 20.66 से बढ़कर 21.90 रुपए हो गया है।
वहीं, रिक्शा का प्रति किलोमीटर किराया 17.14 से बढ़कर 18.22 रुपए हो गया है। इससे लंबी दूरी का सफर करने वाले यात्रियों को अधिक रकम चुकानी पड़ेगी। किराया बढ़ने के बावजूद चालक मीटर कैलिब्रेशन के बिना बढ़ा हुआ किराया नहीं वसूल सकेंगे। प्रशासन ने इलेक्ट्रॉनिक मीटर अपडेट करने के लिए 1 सितंबर से 30 नवंबर तक की समयसीमा दी है। मीटर रीसेट होने के बाद ही नया किराया लागू होगा।
चीनी की बढ़ती कीमतों और भैस के दूध के दाम में प्रति लीटर 9 रुपए की प्रस्तावित बढ़ोतरी से मुंबईकरों का पसंदीदा कटिंग चाय महंगा होने के आसार हैं। कुछ सप्ताह पहले चीनी 49-50 रुपए किलो थी, जो बढ़कर 75-80 रुपए तक पहुंच गई। दाम कुछ घटे हैं, लेकिन अब भी ऊंचे हैं। चायपत्ती, पेपर कप व अन्य सामग्री महंगी होने से लागत बढ़ी है।
कई जगह 10 रुपए का कटिंग चाय पहले ही 13 रुपए हो चुका है। विक्रेताओं के मुताबिक चीनी दूध महंगा होने पर दर बढ़ाना मजबूरी होगी। एक रुपए बढ़ोतरी पर रोज दो कटिंग पीने वालों का मासिक खर्च 60 रुपए बढ़ेगा।
रिक्शा चालक विनोद दुबे ने कहा कि ईंधन, वाहन रखरखाव और स्पेयर पार्ट्स के खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। उनके मुताबिक, किराए में मामूली बढ़ोतरी यात्रियों पर ज्यादा बोझ नहीं डालेगी, लेकिन बढ़ते खर्च को संभालने में चालकों को कुछ राहत मिलेगी।
काली-पीली टैक्सी चालक वसीम कुरेशी ने कहा कि वाहन चलाने के साथ मरम्मत और रखरखाव भी महंगा हो गया है। लंबे समय बाद किराए में बढ़ोतरी हुई है, इसलिए इससे चालकों को राहत मिलने की उम्मीद है।
दूसरी ओर, रोजाना ऑटो और टैक्सी से सफर करने वाले यात्रियों का कहना है कि एक-दो रुपए की बढ़ोतरी भी महीने के बजट पर असर डालती है। गोरेगांव निवासी राजदीप शुक्ला के अनुसार, पहले से महंगाई बढ़ी हुई है और ऐसे में बार-बार किराया बढ़ना आम यात्रियों की परेशानी बढ़ाता है।
चाय विक्रेता नरेश पाटीदार ने कहा कि चीनी के दाम बढ़ने के साथ दूध भी महंगा होने वाला है। इससे लागत लगातार बढ़ रही है और मजबूरी में कटिंग चाय के दाम बढ़ाने पड़ सकते हैं।