Mumbai Eat Right Station Western Railway: यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों को सुरक्षित भोजन और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए वेस्टर्न रेलवे ने खाद्य सुरक्षा और पानी की गुणवत्ता पर निगरानी बढ़ा दी है। अप्रैल 2026 से अब तक 999 खाद्य नमूनों की जांच की गई, जिनमें करीब 98 प्रतिशत नमूने निर्धारित मानकों पर खरे उतरे। वहीं, 3,879 पेयजल नमूनों की बैक्टीरियोलॉजिकल जांच में 99.87 प्रतिशत फिटनेस दर्ज की गई है।
पश्चिम रेलवे के मेडिकल विभाग की ओर से सभी मंडलों और रेलवे प्रतिष्ठानों में खाद्य पदार्थों की नियमित जांच की जा रही है। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम और क्वालिटी कंट्रोल कार्यक्रम के तहत अप्रैल से 999 नमूनों की जांच हुई।
इनमें FSSAI के तहत जांचे गए 357 नमूनों में 356 मानकों पर खरे पाए गए। वहीं क्वालिटी कंट्रोल के तहत जांचे गए 642 नमूनों में 626 नमूने फिट मिले। राजकोट, भावनगर और जगजीवन राम अस्पताल में FSSAI तथा क्वालिटी कंट्रोल दोनों श्रेणियों में 100 प्रतिशत फिटनेस दर्ज की गई।
FSSAI के सहयोग से चल रहे अभियान के तहत खाद्य विक्रेताओं और रेलवे कर्मचारियों को स्वच्छता संबंधी प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही नियमित निगरानी के जरिए सुरक्षित खान-पान सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।
पेयजल की गुणवत्ता की भी नियमित बैक्टीरियोलॉजिकल जांच की जा रही है। अप्रैल 2026 से अब तक 3,879 पानी के नमूनों की जांच में 99.87 प्रतिशत फिटनेस दर्ज हुई। इसके अलावा 33,104 अवशिष्ट क्लोरीन परीक्षण किए गए। जगजीवन राम अस्पताल, वडोदरा, रतलाम, राजकोट, भावनगर और दाहोद में पानी के नमूनों की 100 प्रतिशत फिटनेस दर्ज की गई।
मुंबई उपनगरीय क्षेत्र में जांचे गए 333 पानी के नमूनों में 329 फिट पाए गए। वहीं गैर-उपनगरीय क्षेत्र में जांचे गए सभी 381 नमूने मानकों पर खरे उतरे। रेलवे प्रशासन की ओर से पानी के टैंक, पाइपलाइन, कूलर और वितरण केंद्रों की सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
पश्चिम रेलवे के 51 स्टेशनों और 13 परिसरों को ‘ईट राइट’ प्रमाणन मिला है। रेलवे का कहना है कि खाद्य पदार्थों और पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच के जरिए यात्रियों और कर्मचारियों को सुरक्षित खान-पान उपलब्ध कराने की व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है।