Mumbai News: प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देशों के अनुरूप भारतीय रेल के गैर-किराया राजस्व (NFR) को बढ़ाने की दिशा में पश्चिमी रेलवे ने महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। चालू वित्तीय वर्ष में फरवरी 2026 तक पश्चिम रेलवे ने गैर-किराया स्रोतों से 117 करोड़ रुपये की आय अर्जित की है।
पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक ने बताया कि पश्चिम रेलवे के प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधक तरुण जैन ने गैर-किराया राजस्व बढ़ाने की रणनीतियों पर विचार-विमर्श के लिए वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधकों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की।
बैठक के दौरान तरुण जैन ने कहा कि यात्रियों को मूल्यवर्धित सेवाएं प्रदान करना प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि डिजिटल लाउंज और मिनी मॉल जैसी सुविधाओं की सफलता से यह स्पष्ट हुआ है कि यात्री अब आधुनिक, तकनीक आधारित और गुणवत्तापूर्ण सेवाओं की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं। गैर-किराया राजस्व को दोगुना कर पश्चिम रेलवे अपनी वाणिज्यिक परिसंपत्तियों की राजस्व क्षमता को नए दृष्टिकोण से विकसित करना चाहता है। बताया गया कि चालू वित्तीय वर्ष में फरवरी 2026 तक पश्चिम रेलवे ने गैर-किराया राजस्व के रूप में 117 करोड़ रुपये अर्जित किए हैं, जिससे यह बेहतर प्रदर्शन करने वाले रेलवे जोनों में शामिल हो गया है।
भारतीय रेल ने अपने गैर-किराया राजस्व को 750 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1,500 करोड़ रुपये तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसी के अनुरूप पश्चिम रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 239.24 करोड़ रुपये का लक्ष्य तय किया है।
तरुण जैन ने बताया कि इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए मुंबई सेंट्रल रेलवे स्टेशन स्थित डिजिटल लाउंज, रतलाम रेलवे स्टेशन के मिनी मॉल तथा अहमदाबाद में एसी सह डिजिटल लाउंज जैसी सफल पहलों को अन्य स्थानों पर भी लागू किया जाएगा। इन पहलों को यात्रियों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है।
उन्होंने कहा कि समय की मांग है कि पारंपरिक विज्ञापन के दायरे से आगे बढ़कर नवोन्मेषी दृष्टिकोण अपनाया जाए। बैठक के दौरान कई नई पहलों पर चर्चा की गई, जिनमें उपयुक्त स्थानों पर ब्रांडेड कियोस्क और एक्सपीरियंस जोन विकसित करना, रेलवे परिसंपत्तियों का मुद्रीकरण, अधिक यात्री आवागमन वाले स्टेशनों पर डिजिटल आउट-ऑफ-होम (DOOH) विज्ञापन का विस्तार तथा रेलवे स्टेशनों को वाणिज्यिक केंद्रों के रूप में विकसित करना शामिल है।