Mumbai Water Supply: मुंबई को पानी की आपूर्ति करने वाले सातों प्रमुख जलाशयों में जल भंडार लगातार घट रहा है। पिछले सप्ताह हुई भारी बारिश के बाद अब मानसून की गति धीमी पड़ गई है, इस वजह से वर्तमान में कुल उपयोगी जल भंडार घटकर 49.65 प्रतिशत रह गया है। बीएमसी के जल अभियंता विभाग की तरफ से गुरुवार, 16 जुलाई 2026 को सुबह 6 बजे जारी ताजा रिपोर्ट के अनुसार, पिछले 24 घंटों में जल भंडार में और कमी दर्ज की गई है।
वहीं, पिसे बांध पर तकनीकी खराबी के कारण पहले से लागू 20 प्रतिशत जल कटौती के बीच जलाशयों का जलस्तर लगातार गिरने से मुंबईवासियों की चिंता बढ़ गई है। फिलहाल मुंबई के जलाशयों की 14,47,363 मिलियन लीटर कुल भंडारण क्षमता के मुकाबले केवल 7,18,582 मिलियन लीटर उपयोगी पानी शेष है।
पिसे बांध के न्यूमैटिक गेटों की आपातकालीन मरम्मत तथा भातसा बांध से छोड़े जा रहे पानी के अनियमित प्रवाह के कारण पिसे क्षेत्र का जलस्तर घटा है, जिसका असर भांडुप जलशुद्धीकरण केंद्र को मिलने वाली जलापूर्ति पर पड़ा है। मुंबई शहर की सीमा में स्थित विहार और तुलसी झीलें जुलाई की शुरुआत में हुई भारी बारिश के कारण लगभग पूरी तरह भर चुकी हैं।
यह भी पढ़ें:- चेंबूर बस हादसे की BMC रिपोर्ट खारिज, महापौर रितु तावड़े ने दोबारा जांच के दिए निर्देश
विहार झील 100 प्रतिशत भर गई है, जबकि तुलसी झील में 98.02 प्रतिशत जल भंडार है। दोनों झीलें 7 जुलाई को ही ओवरफ्लो होने लगी थीं। पिछले 24 घंटों में तुलसी झील क्षेत्र में 17 मिमी तथा तानसा में सबसे अधिक 58 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
वहीं, भांडुप परिसर में 13 मिमी बारिश होने से इस वर्ष का कुल वर्षा आंकड़ा 1,731 मिमी तक पहुंच गया है। बीएमसी प्रशासन ने कहा है कि पिसे बांध पर मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर जारी है, लेकिन मुंबई शहर जल भंडार की मौजूदा स्थिति को देखते हुए नागरिकों से पानी का अत्यंत संयमित और मितव्ययी उपयोग करने की अपील की गई है।