मुंबई में भारी बारिश का असर: विहार झील ओवरफ्लो, तुलसी 95% भरी, भातसा का जलस्तर 4.80 मीटर बढ़ा

Mumbai Water Supply: मुंबई में मूसलाधार बारिश से सात झीलों में शामिल विहार झील मंगलवार रात ओवरफ्लो हो गई। वहीं तुलसी झील भी 95.88% भर चुकी है, जिससे जल भंडार में भारी वृद्धि हुई है।
मुंबई में मूसलाधार बारिश से सात झीलों में शामिल विहार झील मंगलवार रात ओवरफ्लो हो गई। वहीं तुलसी झील भी 95.88% भर चुकी है, जिससे जल भंडार में भारी वृद्धि हुई है।
विहार झील प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
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Mumbai Water Vihar Lake Overflow: मुंबई में लगातार हो रही बारिश के बीच शहर को जलापूर्ति करने वाली सात झीलों में शामिल विहार झील मंगलवार रात ठीक नौ बजे छलककर बह पड़ी। गत वर्ष यह झील 18 अगस्त 2025 को पूर्ण रूप से भरकर ओवरफ्लो हुई थी। वर्ष 1859 में लगभग 65.5 लाख रुपए की लागत से निर्मित यह ऐतिहासिक झील पिछले कुछ दिनों से जलग्रहण क्षेत्र में हुई भारी बारिश के कारण पूरी तरह भर गई।

विहार झील के ओवरफ्लो होने से मुंबई के जल भंडार में और मजबूती आई है। मुंबई को जलापूर्ति करने वाली झीलों में विहार झील दो सबसे छोटी झीलों में से एक है। दूसरी सबसे छोटी झील तुलसी झील है।

ओवरफ्लो का पानी

मीठी नदी में जाकर मिलता है विहार झील से प्रतिदिन औसतन 90 मिलियन लीटर पानी की आपूर्ति की जाती है। पिछले कुछ दिनों से झील के जलग्रहण क्षेत्र में हुई अच्छी वर्षा के कारण यह झील भरकर ओवरफ्लो होने लगी है।

यह जानकारी मुंबई महानगरपालिका के जल अभियंता विभाग ने दी है। 27,698 मिलियन लीटर की उपयोगी जल भंडारण क्षमता वाली यह झील वर्ष 2024 में 25 जुलाई तथा उससे पहले वर्ष 2023 में 26 जुलाई को ओवरफ्लो हुई थी।

इन जलाशयों में भी वृद्धि

विहार भरकर छलकने लगी है। वहीं तुलसी 95.88 प्रतिशत भर गई है। उसमें 7,715 मिलियन लीटर पानी जमा हो चुका है। तुलसी जलाशय क्षेत्र में अब तक 2,004 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। पिछले 24 घंटों में जलाशयों के जलस्तर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मोडक सागर का जलस्तर 4.24 मीटर बढ़कर 52.22 प्रतिशत तक पहुंच गया है।

तानसा का जलस्तर 2.72 मीटर बढ़ा और वहां 42.85 प्रतिशत उपयोगी जल भंडार दर्ज किया गया। मुंबई शहर को सबसे अधिक पानी उपलब्ध कराने वाले भातसा में 24.50 प्रतिशत उपयोगी जल भंडार है। 24 घंटों में जलस्तर सबसे अधिक 4.80 मीटर बढ़ा है। मध्य वैतरणा में 26.12 प्रतिशत और अप्पर वैतरणा में 12.25 प्रतिशत उपयोगी जल भंडार दर्ज किया गया है।

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