

Chhatrapati Sambhajinagar Extra Water Supply: शहर की जलापूर्ति व्यवस्था कल शनिवार से पटरी पर लौटने की उम्मीद है। जायकवाड़ी बांध से शुक्रवार को पंपिंग शुरू कर दी गई थी, लेकिन पानी नक्षत्रवाड़ी जलशुद्धीकरण केंद्र तक नहीं पहुंच सका।
मनपा आयुक्त अमोल येडगे ने बताया कि शनिवार को पंपिंग शुरू होने के बाद पानी निश्चित रूप से नक्षत्रवाड़ी जलशुद्धीकरण केंद्र पहुंचेगा। इसके बाद शुद्धिकरण की प्रक्रिया पूरी कर शहर की जलापूर्ति में प्रतिदिन 30 एमएलडी की बढ़ोतरी की जाएगी।
नई जलापूर्ति योजना में आई तकनीकी खामियों के कारण पिछले कई दिनों से शहर में जलापूर्ति प्रभावित रही। शुक्रवार दोपहर जायकवाड़ी स्थित जैकवेल से पंपिंग शुरू कर दी गई थी, लेकिन पानी नक्षत्रवाड़ी जलशुद्धीकरण केंद्र तक नहीं पहुंच पाया। मनपा आयुक्त अमोल येडगे ने जानकारी दी कि शनिवार को पंपिंग शुरू होने के बाद पानी नक्षत्रवाड़ी केंद्र तक पहुंच जाएगा।
वहां पानी का शुद्धिकरण कर उसे भंडारण टंकियों में संग्रहित किया जाएगा, जिसके बाद शहर को अतिरिक्त 30 एमएलडी पानी उपलब्ध कराया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार नई जलापूर्ति योजना की मुख्य पाइपलाइन और वाल्व प्रणाली में सामने आई तकनीकी कमियों का समाधान किया जा रहा है। आवश्यक सुधार पूरे होने के बाद पूरी योजना को पूर्ण क्षमता के साथ संचालित किया जाएगा।
महानगरपालिका ने नई जलापूर्ति योजना के शेष तकनीकी कार्यों को पूरा करने के लिए लगभग 15 दिन बाद सात दिन का नियोजित शटडाउन लेने का निर्णय लिया है। इस अवधि में मुख्य पाइपलाइन, बटरफ्लाई वाल्व, संपर्क नहर और अन्य महत्वपूर्ण तकनीकी सुधार एक साथ किए जाएंगे।
अधिकारियों का कहना है कि इन कार्यों के पूरा होने के बाद जलापूर्ति व्यवस्था अधिक सुचारु और स्थिर हो जाएगी। बार-बार आने वाली तकनीकी समस्याओं पर भी नियंत्रण मिलेगा। मनपा का उद्देश्य भविष्य में जलापूर्ति बाधित होने की स्थिति से बचना और शहरवासियों को नियमित एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना है।
आयुक्त अमोल येडगे ने कहा कि मनपा को पूर्व सूचना दिए बिना जायकवाड़ी से पंपिंग बंद करना स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और ठेकेदार कंपनी को निर्देश दिए हैं कि भविष्य में जलापूर्ति से जुड़े किसी भी कार्य की पूर्व जानकारी मनपा को दी जाए, जिससे शहरवासियों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट