(प्रतीकात्मक तस्वीर) 
मुंबई

शिवाजी नगर-गोवंडी का वार्ड 136 फिर ओबीसी के लिए आरक्षित, 34 हजार से अधिक मतदाता

Mumbai: गोवंडी के प्रभाग 136 में प्रदूषण, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की भारी कमी सबसे बड़े चुनावी मुद्दे हैं। देवनार डंपिंग ग्राउंड और एमएमएस कंपनी के कारण बढ़ता प्रदूषण मतदाताओं को परेशान कर रखा।

अपूर्वा नायक

Mumbai News In Hindi: देश की सबसे अमीर महानगरपालिका बीएमसी का चुनाव नजदीक है। इस चुनाव की तैयारियां जोरों -शोरों पर हैं। 227 प्रभागों से 227 नगरसेवक को जनता चुनकर लाने वाली है जिसमें से 50 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।

नगर सेवकों से जनता उम्मीद करेगी कि वह एक बार फिर जनता की समस्याओं का निवारण करें। हम सिलसिलेवार तरीके से प्रत्येक प्रभाग में मतदाताओं की संख्या, जनता की समस्याएं व प्रमुख पार्टियों से उम्मीदवारों के प्रबल दावेदारों आदि से संबंधित जानकारियां आप तक पहुंचाने की कोशिश करेंगे जिससे आप प्रत्येक पहलुओं से परिचित रहेंगे।

गोवंडी स्थित शिवाजी नगर इलाके के प्रभाग क्रमांक 136 में पिछले नगर सेवक चुनाव में लगभग 34 हजार मतदाता थे। यह सीट एक बार फिर ओबीसी के लिए आरक्षित है। आगामी चुनाव में मतदाताओं के बढ़ने की उम्मीद है।

2017 में इस प्रभाग से रुखसाना जीती थीं

यह मुस्लिम बाहुल्य इलाका है, यहां शिक्षा, साफ-सफाई व प्रदूषण जैसी गंभीर समस्याएं हैं। इस प्रभाग में बीएमसी द्वारा संचालित देवनार डंपिंग ग्राउंड होने की वजह से लोग तरह-तरह की बीमारियों से जूझ रहे हैं।

हालांकि बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देश के बाद अगले दो वर्षों के भीतर इसे बंद कर दिया जाएगा। इसके अलावा क्वालिटी शिक्षा भी एक अहम मुद्दा है। पिछले कुछ वर्षों में काफी कुछ सुधार भी देखने को मिला है।

वर्ष 2017 के नगर सेवक चुनाव में इस प्रभाग से समाजवादी पार्टी की तरफ से रुखसाना सिद्दीकी चुनकर आई थी। नवभारत से बातचीत में उन्होंने बताया कि वार्ड 136 में पिछले कुछ वर्षों में सुधार आया है। यहां लोगों के स्वास्थ्य को देखते हुए दो बीएमसी के एचबीटी अस्पताल को शुरू किया गया, यहीं नहीं साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

इस बार्ड में सबसे बड़ी समस्या बढ़ता प्रदूषण है, क्योंकि बगल में एमएमएस कंपनी है और देवनार डम्पिंग ग्राउंड भी है। जिसकी वजह से लोग खतरनाक बीमारी का शिकार हो रहे है। वार्ड में अक्का और सरकारी हॉस्पिटल और स्कूल नहीं है। जिसके कारण लोग शिक्षा और इलाज से वंचित है। सड़कें, गलियां, गार्डन सब जर्जर है।

-जमीर कुरेशी, अपक्ष

शिक्षा मिले, इसके लिए बच्चों को उच्च दर्ज की निरंतर प्रयास करती हूं। रखक-सफाई व प्रदूषण को लेकर हम गंभीर है। पिछले कुछ वर्षों में गोवंडी में बदलाव आया है और आगे यह और भी बेहतर होगा, जनता के लिए बेहतर काम करते रहेंगे

- रुखसाना सिद्दीकी, पूर्व नगर सेवक

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