महाविकास आघाड़ी और मनसे का गठबंधन (सौ. सोशल मीडिया ) 
मुंबई

Nikaay Chunaav: उरण चुनाव में मविआ-मनसे का नया गठबंधन, कांग्रेस की नीति पर उठे सवाल

Maharashtra Politics: उरण नगर परिषद चुनाव में मविआ और मनसे का अप्रत्याशित गठबंधन चर्चा में है। कांग्रेस की रणनीति पर सवाल उठे, जबकि बीजेपी के लिए नई चुनौतियाँ उभर आई हैं।

अपूर्वा नायक

Maharashtra Local Body Election: उरण नगर परिषद के आगामी चुनावों ने रायगढ़ जिले की राजनीति को गर्म कर दिया है। नौ साल बाद हो रहे इस महत्त्वपूर्ण चुनाव में इस बार नए राजनीतिक समीकरण बनते दिखाई दे रहे हैं।

यहां महाविकास आघाड़ी (मविआ) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) का अप्रत्याशित गठबंधन सबसे बड़े बदलाव के रूप में देखने को मिल रहा है। यह गठबंधन इसलिए सुर्खियों में है क्योंकि जहां मुंबई में कांग्रेस ने अलग विचार होने का दावा करते हुए मनसे के साथ चुनाव लड़ने में असमर्थता जताया और स्वबल पर चुनाव लड़ने का नारा दिया है।

वहीं, उरण में मनसे के साथ कांग्रेस एक ही पाले में खड़ी दिख रही है। इससे कांग्रेस की नीतियों पर सवाल उठाए जा रहे हैं। महाविकास आघाड़ी ने भाजपा को सत्ता से दूर रखने की रणनीति के तहत उरण में राकां शरदचंद्र पवार पार्टी, शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे (यूबीटी), कांग्रेस और मनसे को एक मंच पर आ गए हैं।

मुश्किलों में घिरी बीजेपी

उरण की सड़कों पर अब शरद पवार और कांग्रेस के नेताओं के साथ लगे राज ठाकरे के पोस्टर राजनीति में आए इस बड़े बदलाव का प्रमाण दे रहे हैं। नगराध्यक्ष पद के लिए महाविकास आघाड़ी ने राकां शरदचंद्र पवार पाटी की वरिष्ठ महिला नेता भावना बाणेकर को अपना उम्मीदवार घोषित किया है।

रविवार को उनका नामांकन भारी जुलूस और शक्ति प्रदर्शन के बीच दाखिल किया गया, जिसमे महाविकास आघाड़ी और मनसे के कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में उपस्थिति दर्ज कराई।

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