Maharashtra budget reaction (सोर्सः सोशल मीडिया) 
मुंबई

Mumbai News: सत्ता पक्ष को भाया केंद्र सरकार का बजट, विपक्ष ने बताया खोखले वादों का पिटारा

Union Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति गरमा गई है, जहां सत्ता पक्ष ने इसे विकसित भारत की नींव बताया, वहीं विपक्ष ने इसे खोखले वादों और आंकड़ों की बाजीगरी करार दिया।

आंचल लोखंडे

Maharashtra Budget Reaction: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया, जिसके बाद महाराष्ट्र की राजनीति में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली। जहां सत्ताधारी महायुति के नेताओं ने बजट को ‘विकसित भारत’ की मजबूत नींव और दूरदर्शी कदम बताया, वहीं विपक्षी महाविकास अघाड़ी (मविआ) ने इसे खोखले वादों का पिटारा करार देते हुए ‘आंकड़ों की बाजीगरी’ और महाराष्ट्र की घोर उपेक्षा का आरोप लगाया।

नियोजित शहरीकरण का ब्लूप्रिंट

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने केंद्रीय बजट का स्वागत करते हुए कहा कि यह बजट विकसित भारत की दिशा में एक सशक्त और निर्णायक कदम है। उन्होंने इसे नियोजित शहरीकरण का ब्लूप्रिंट बताते हुए बुनियादी ढांचे के लिए 12 लाख करोड़ रुपये के निवेश और मुंबई-पुणे तथा पुणे-हैदराबाद हाई-स्पीड कॉरिडोर की विशेष रूप से सराहना की। फडणवीस के अनुसार, प्रत्येक ‘ग्रोथ हब’ के लिए प्रस्तावित 5,000 करोड़ रुपये से मुंबई, पुणे और नागपुर जैसे महानगरों को नई विकास गति मिलेगी।

प्रगति को मिली नई दिशा

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि बजट में मुंबई और महाराष्ट्र के समग्र विकास के लिए ठोस प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने सेमीकंडक्टर और बायोफार्मा क्षेत्रों में किए गए आवंटन को राज्य के औद्योगिक भविष्य के लिए अहम बताया। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि मुंबई-पुणे मेडिकल हब और हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से यातायात सुलभ होगा और लाखों रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

महिला सशक्तिकरण का नया अध्याय

विधान परिषद की उपसभापति डॉ. नीलम गोर्हे ने बजट को ‘युवा शक्ति’ और ‘महिला सम्मान’ को समर्पित बताया। उन्होंने ‘लखपती दीदी’ योजना की सफलता के बाद महिलाओं के लिए स्वतंत्र मॉल (शी-मार्ट) और प्रत्येक जिले में छात्राओं के लिए हॉस्टल निर्माण के निर्णय को ऐतिहासिक करार दिया। साथ ही जल जीवन मिशन और सौर ऊर्जा परियोजनाओं में महिलाओं की भागीदारी को आर्थिक आत्मनिर्भरता का नया अध्याय बताया।

औद्योगिक विकास और तकनीक को बढ़ावा

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण और मुंबई अध्यक्ष अमित साटम ने बजट को व्यावहारिक और भविष्य उन्मुख बताया। साटम ने कहा कि ‘पाताल लोक’ जैसी भूमिगत सुरंग परियोजनाओं के लिए टीबीएम मशीनों के स्वदेशी निर्माताओं को कर राहत देने से विदेशी निर्भरता घटेगी। वहीं, युवाओं के लिए विजुअल इफेक्ट्स और गेमिंग लैब्स की स्थापना से मुंबई के शैक्षणिक संस्थानों को बड़ा लाभ मिलेगा।

आत्मनिर्भर भारत की ओर मजबूत कदम

कौशल एवं रोजगार मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने कहा कि 7.4 प्रतिशत विकास दर का लक्ष्य भारत को दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करने की दिशा में अहम है। उन्होंने बताया कि 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में एवीजीसी (एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स) कंटेंट क्रिएटर लैब्स की स्थापना से युवाओं को डिजिटल भविष्य के लिए तैयार किया जाएगा।

विपक्ष ने की तीखी आलोचना

आंकड़ों की जुमलेबाजी और बेरोजगारी का संकट

महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने बजट को दिशाहीन बताते हुए कहा कि नोटबंदी और जीएसटी से छोटे उद्योग तबाह हो चुके हैं, लेकिन बजट में उनके लिए कोई ठोस राहत नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में बेरोजगारी चिंताजनक स्तर पर पहुंच चुकी है, फिर भी सरकार के पास रोजगार सृजन का कोई स्पष्ट रोडमैप नहीं है।

किसानों और मध्यम वर्ग की निराशा

कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने कहा कि यह बजट महाराष्ट्र के साथ अन्याय जैसा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सबसे ज्यादा टैक्स देने वाले महाराष्ट्र को बजट में फिर से नजरअंदाज किया गया है। खाद की बढ़ती कीमतों और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर चुप्पी को उन्होंने किसानों के साथ धोखा बताया।

आर्थिक विषमता और महंगाई पर सवाल

सांसद वर्षा गायकवाड ने बजट को ‘महाराष्ट्र विरोधी’ करार देते हुए कहा कि राज्य के लिए कोई बड़ी घोषणा नहीं की गई। उन्होंने बढ़ती आर्थिक विषमता का मुद्दा उठाते हुए कहा कि देश की बड़ी संपत्ति कुछ ही लोगों के हाथों में सिमटती जा रही है, लेकिन बजट में इस असमानता को कम करने का कोई उपाय नहीं है।

‘अमीरों का बजट’ करार

सांसद संजय राउत ने बजट पर तंज कसते हुए कहा कि पिछले एक दशक से बजट उद्योगपतियों और अमीर वर्ग के हित में बनाए जा रहे हैं। आम जनता, किसान और मध्यम वर्ग को राहत की उम्मीद रहती है, लेकिन उनके हिस्से सिर्फ घोषणाएं आती हैं। गरीबों के नाम पर केवल राजनीति की जा रही है।

मुख्य बिंदु: बजट 2026-27

  • बुनियादी ढांचा: छोटे और मध्यम शहरों के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान
  • कनेक्टिविटी: मुंबई-पुणे सहित 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा
  • स्वास्थ्य: कैंसर और मधुमेह की दवाएं सस्ती होंगी, 5 मेडिकल टूरिज्म हब
  • शिक्षा: 15,000 स्कूलों में आधुनिक लैब्स, छात्राओं के लिए हॉस्टल
  • पर्यावरण: सौर ऊर्जा और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन पर विशेष जोर
आत्मनिर्भरता का रोड मैप: रविंद्र चव्हाण 
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने कहा कि यह बजट 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र के साथ भारत को तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का मार्ग प्रशस्त करेगा. उन्होंने बायो-फार्मा सेक्टर के लिए 10,000 करोड़ और सेमीकंडक्टर के लिए 40,000 करोड़ के प्रावधान का स्वागत किया.  

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