अदालत ने गिरफ्तार तीनों मुख्य आरोपियों को 31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेजा।
शुरुआती जांच में खुलासा, शूटर्स का असली निशाना कोई अन्य बड़ी बॉलीवुड हस्ती थी।
जुहू स्थित फुटबॉल क्लब से बाहर निकलते समय टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई थी फायरिंग।
Tiger Shroff Firing Case Update: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुई गोलीबारी के हाई-प्रोफाइल मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। मुंबई की 37वीं मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट (एस्प्लेनेड कोर्ट) ने मामले में गिरफ्तार तीनों मुख्य आरोपियों को 31 अक्टूबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
इस सनसनीखेज मामले की जांच के दौरान पुलिस के हाथ कई ऐसे चौंकाने वाले खुलासे लगे हैं, जिनसे पूरी फिल्म इंडस्ट्री हैरान है।
मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन सेल ने गिरफ्तार तीनों आरोपियों रेहान अंसारी, फूलसिंह और ऋतिक महतू उर्फ रोशन को कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत में पेश किया।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया- आरोपी आदतन अपराधी हैं और यह एक बेहद गंभीर अपराध है। हमले में इस्तेमाल किए गए मुख्य हथियार अभी बरामद नहीं हुए हैं और आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन नष्ट कर दिए हैं। मामले के वित्तीय पहलुओं, नष्ट किए गए मोबाइलों और पूरी साजिश के पीछे छिपे मास्टरमाइंड का पता लगाने के लिए पुलिस कस्टडी में और पूछताछ जरूरी है।
बचाव पक्ष के वकील ने कस्टडी का विरोध करते हुए आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने का अनुरोध किया, लेकिन कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीनों को 31 अक्टूबर तक पुलिस रिमांड पर भेजने का फैसला सुनाया।
मुंबई पुलिस की पूछताछ में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि शूटर्स का शुरुआती निशाना कोई अन्य बड़ी बॉलीवुड हस्ती थी। हालांकि, उस हस्ती की बेहद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के कारण हमलावर अपने मंसूबे में कामयाब नहीं हो सके और उन्होंने अपना निशाना बदलकर टाइगर श्रॉफ को चुन लिया।
यह पूरी घटना रविवार शाम करीब 7 बजे की है, जब टाइगर श्रॉफ मुंबई के जुहू स्थित एक फुटबॉल क्लब से बाहर निकल रहे थे। उसी दौरान उनकी कार पर फायरिंग की गई। इस हमले में टाइगर श्रॉफ सुरक्षित बच गए और उन्हें कोई चोट नहीं आई, जबकि उनके ड्राइवर को चोटें आईं।
मामले की जांच में दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश से जुड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने हथियारों की सप्लाई करने और हमलावरों को भगाने में मदद करने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया है कुणाल (21) व सुमित (19) (सोनीपत, हरियाणा), राधा (23, सीतापुर, यूपी) और बबीता (23, आजमगढ़, यूपी)। सोनीपत से अंकित नाम के एक अन्य आरोपी को भी पकड़ा गया है।
जांच में सामने आया कि अमृतसर से 1 पिस्तौल और 20 कारतूस ट्रेन के जरिए मुंबई लाए गए थे। राधा और बबीता पिस्तौल को बैग में छिपाकर दादर के एक होटल पहुंची थीं, जहां से एक नाबालिग लड़के ने बैग लिया।
वारदात के बाद मुख्य आरोपी सूरत और कोटा भाग गए थे, जहां से वे दिल्ली होकर नेपाल भागने की योजना बना रहे थे, लेकिन मुंबई पुलिस ने उन्हें कोटा से गिरफ्तार कर लिया।
फिलहाल पुलिस तीनों आरोपियों से कस्टडी में गहन पूछताछ कर रही है ताकि वारदात में इस्तेमाल हथियार बरामद किए जा सकें और पूरी साजिश का पर्दाफाश हो सके।