CJP के नेताओं को दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरते ही फ्लाइट के अंदर हिरासत में लिया गया।
सुप्रिया सुले ने इस कार्रवाई को पूरी तरह से गलत और असंवैधानिक करार दिया है।
सुप्रिया सुले ने भारत सरकार से अपील की है कि युवाओं और छात्रों को हिरासत में न लिया जाए।
Supriya Sule On CJP Protest Delhi Police Action: दिल्ली में शनिवार को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन से पहले तीन प्रमुख नेताओं अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इसके बाद से राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। शनिवार को जैसे ही CJP नेताओं की फ्लाइट राजधानी दिल्ली के एयरपोर्ट पर उतरी, दिल्ली पुलिस ने विमान के भीतर ही उन्हें हिरासत में ले लिया। इस कार्रवाई के बाद विपक्षी दलों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की कार्यकारी अध्यक्ष और सांसद सुप्रिया सुले ने इस पूरी घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि विपक्षी दलों या राजनीतिक कार्यकर्ताओं को विमान के अंदर ही हिरासत में लेना पूरी तरह से गलत, मनमाना और असंवैधानिक कदम है। पुलिस और प्रशासन इस तरह से लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन नहीं कर सकता।
सुप्रिया सुले ने कहा कि जिस तरह से प्लेन में जाकर CJP नेताओं को गिरफ्तार कियसा गया। इसकी क्या जरूरत थी। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर देश के हजारों लोग जाकर आंदोलन करते हैं। हमने भी किया है और यह अधिकार भारतरत्न डॉ. बाबा साहेब आंबेडकर ने आपको दिया है, हमें दिया है और अभिजीत दिपके की टीम को भी दिया है।
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन से पहले दिल्ली में मेट्रो स्टेशन बंद करने पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी को लेकर सुप्रिया सुले ने कहा कि क्या इस देश में अघोषित इमरजेंसी लगी है? सुले ने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए कहा कि जो भी बच्चा दिल्ली में घूम रहा है और उसके पीठ पर बैग है तो उसे पकड़ा जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर आप यहां पकड़े गए तो पासपोर्ट में दिक्कत आएगी। ऐसी खबरें मीडिया में चल रही है। इससे बच्चे डरे हुए हैं।
इधर, INDIA गठबंधन के नेताओं की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से हुई हालिया मुलाकात का जिक्र करते हुए सुप्रिया सुले ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस पूरे मामले पर विस्तार से स्थिति स्पष्ट की थी कि आखिर क्या कुछ चल रहा है। उन्होंने आगे कहा कि देखते हैं कि आगे क्या राजनीतिक कदम उठाए जाते हैं और इस मामले में क्या नया मोड़ आता है।
अपने बयान के अंत में सुप्रिया सुले काफी भावुक नजर आईं। उन्होंने भारत सरकार से हाथ जोड़कर विनम्र अपील करते हुए कहा कि "मैं सरकार से अनुरोध करती हूं कि हमारे बच्चों को बख्श दिया जाए। कृपया इस तरह की बदले की कार्रवाई के तहत युवाओं और छात्रों को हिरासत में न लिया जाए।"