Sunetra Pawar Resignation: महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने बुधवार को अपने संसदीय करियर को लेकर एक बड़ा फैसला लिया। बारामती विधानसभा उपचुनाव में मिली बड़ी जीत के बाद, उन्होंने राज्यसभा सांसद के पद से इस्तीफा दे दिया है। अजित पवार के आकस्मिक निधन के बाद राज्य की जिम्मेदारी संभालने वाली सुनेत्रा पवार ने विधायक बनने के बाद दोहरे पद की स्थिति को समाप्त करने के लिए यह कदम उठाया। बुधवार दोपहर वे विशेष रूप से दिल्ली पहुँचीं और उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन से मुलाकात कर उन्हें अपना इस्तीफा सौंप दिया।
सुनेत्रा पवार का राज्यसभा का कार्यकाल अभी दो साल और बचा था। अब उनके इस्तीफे से रिक्त हुई इस सीट पर कब्जा करने के लिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के भीतर होड़ मच गई है। पार्टी के रणनीतिकार अब इस शेष कार्यकाल के लिए एक ऐसे नाम की तलाश में हैं जो पार्टी की पकड़ को और मजबूत कर सके।
पवार के इस्तीफे के बाद सबसे अधिक चर्चा वरिष्ठ नेता और मंत्री छगन भुजबल के नाम की हो रही है। राजनीतिक गलियारों में यह माना जा रहा है कि उनके अनुभव को देखते हुए पार्टी उन्हें दिल्ली भेज सकती है। हालांकि, भुजबल के साथ-साथ पूर्व सांसद आनंद परांजपे का नाम भी रेस में शामिल है, जिससे पार्टी के भीतर प्रतिस्पर्धा और बढ़ गई है।
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बारामती उपचुनाव में मिली जीत ने सुनेत्रा पवार का कद राज्य की राजनीति में और बढ़ा दिया है। विधायक के रूप में उनकी नई पारी शुरू होने के साथ ही, उनके बेटे जय पवार की भविष्य की राजनीतिक भूमिका को लेकर भी अटकलें तेज हो गई हैं। मतदान संपन्न होते ही सुनेत्रा पवार ने जिस तरह से जिम्मेदारी का वितरण किया है, उससे संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी आगामी चुनावों के लिए एक व्यापक प्लान तैयार कर रही है।
रिक्त हुई राज्यसभा सीट पर होने वाला आगामी उपचुनाव एनसीपी के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा। पार्टी को न केवल एक मजबूत उम्मीदवार चुनना है, बल्कि महायुति गठबंधन के भीतर भी सामंजस्य बिठाना होगा। चूंकि कार्यकाल केवल दो साल का है, इसलिए पार्टी किसी ऐसे अनुभवी चेहरे पर दांव लगाना चाहती है जो कम समय में प्रभावी कार्य कर सके। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि उपमुख्यमंत्री की इस खाली कुर्सी पर पार्टी किसे मौका देती है।