

Kishori Pednekar on Ritu Tawde: मुंबई नगर निगम में विपक्ष की नेता किशोरी पेडनेकर ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में मीनाताई बालासाहेब ठाकरे अस्पताल में प्रसव (Delivery) की संख्या में भारी गिरावट आई है। पेडनेकर के अनुसार, अस्पताल में आवश्यक डॉक्टरों की कमी एक गंभीर समस्या बन चुकी है, जिसके कारण रात के समय आने वाले मरीजों को जानबूझकर निजी अस्पतालों में भेजा जा रहा है। उन्होंने संदेह जताया कि यह सब अस्पताल के निजीकरण की किसी बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकता है। साथ ही उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि क्या राजनीतिक द्वेष के कारण मीनाताई ठाकरे के नाम वाले इस अस्पताल को नजरअंदाज किया जा रहा है।
स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ पेडनेकर ने राज्य की कानून व्यवस्था और महिला सुरक्षा के मुद्दे पर भी सरकार को जमकर कोसा। उन्होंने कहा कि राज्य में युवा लड़कियों पर अत्याचार बढ़ रहे हैं, लेकिन सरकार पूरी तरह असंवेदनशील बनी हुई है। वर्तमान महापौर रितु तावड़े पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जब जनता त्रस्त है, तब मेयर आनंदोत्सव मनाने में व्यस्त हैं। पेडनेकर ने अपने कार्यकाल के दौरान मिले 138 पुरस्कारों का जिक्र करते हुए वर्तमान नेतृत्व की कार्यक्षमता पर सवाल उठाए।
किशोरी पेडनेकर ने सदन की प्रक्रिया और अनुशासन पर जोर देते हुए सत्ताधारी दल को नसीहत दी कि उन्हें कोरम पूरा करने और नियमों का पालन करना सीखना चाहिए। उन्होंने मुंबई के मूल निवासी कोली समुदाय के हितों की रक्षा का संकल्प दोहराते हुए कहा कि यदि इस समुदाय पर किसी भी तरह का दबाव डाला गया, तो वे इसका पुरजोर विरोध करेंगी। उनके अनुसार, मुंबई की पहचान कोली समुदाय के सम्मान से जुड़ी है और इसके साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
राजनीतिक हलचलों पर टिप्पणी करते हुए पेडनेकर ने 'ऑपरेशन टाइगर' के नाम पर जनप्रतिनिधियों को डराने-धमकाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी दल द्वारा जन प्रतिनिधियों पर वित्तीय दबाव डाला जा रहा है ताकि वे अपनी निष्ठा बदल सकें। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी किसी को कहीं जाने से रोक नहीं सकता, लेकिन जिस तरह से काम में बाधा डाली जा रही है, वह लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है।
किशोरी पेडनेकर की पहचान मुंबई नगर निगम में एक बेहद आक्रामक और मुखर नेता के रूप में है। उद्धव ठाकरे की करीबी मानी जाने वाली पेडनेकर को निगम के कामकाज का गहरा अनुभव है, क्योंकि वे स्वयं मुंबई की महापौर रह चुकी हैं। इस साल के नगर निगम चुनावों में लोअर परेल निर्वाचन क्षेत्र से अपनी जीत दर्ज करने के बाद, वे विपक्ष की नेता के रूप में लगातार सत्ताधारियों की घेराबंदी कर रही हैं और जनता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठा रही हैं।