STEMI Maharashtra AI Treatment: हार्ट अटैक के मरीजों के लिए स्वास्थ्य विभाग की 'स्टेमी महाराष्ट्र' परियोजना जीवनरक्षक साबित हो रही है। एआई आधारित तकनीक की मदद से मात्र 10 मिनट में रोग की पहचान कर मरीजों का 'गोल्डन आवर' में उपचार शुरू किया जा रहा है, जिससे हजारों लोगों को नई जिंदगी मिली है।
परियोजना के तहत अब तक 43.4 लाख से अधिक ईसीजी जांच की जा चुकी हैं, 28 हजार से अधिक स्टेमी मरीजों की समय पर पहचान की गई है और 1.49 लाख गंभीर मरीजों को तत्काल उपचार उपलब्ध कराया गया है।
राज्य के 2,415 स्पोक स्वास्थ्य केंद्रों और 98 हब अस्पतालों का नेटवर्क 'स्टेमी महाराष्ट्र' योजना की रीढ़ बना हुआ है। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में मरीजों की निःशुल्क ईसीजी जांच कर उसे क्लाउड तकनीक के माध्यम से हृदय रोग विशेषज्ञों तक भेजा जाता है।
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, ग्रामीण अस्पताल, उपजिला अस्पताल, जिला अस्पताल और अन्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में मरीज को प्राथमिक उपचार देने के बाद आवश्यकता पड़ने पर उसे 98 हब अस्पतालों में एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी और अन्य उन्नत हृदय उपचारों के लिए तत्काल भेजा जाता है। महात्मा ज्योतिराव फुले जनआरोग्य योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को ये इलाज निःशुल्क उपलब्ध कराए जाते हैं।
योजना में AI तकनीक का भी उपयोग किया जा रहा है। स्पोक अस्पताल में किया गया ईसीजी क्लाउड पर अपलोड होने के बाद बेंगलुरु स्थित ट्रायकॉग हेल्थ के तकनीकी सहयोग से हृदय रोग विशेषज्ञ कुछ ही मिनटों में उसका विश्लेषण करते हैं।
यदि स्टेमी की पुष्टि होती है तो स्पोक अस्पताल में तुरंत थ्रोम्बोलाइसिस उपचार शुरू किया जाता है। इसके बाद 108 एम्बुलेंस सेवा के माध्यम से मरीज को आगे के उपचार के लिए निकटतम हब अस्पताल पहुंचाया जाता है।
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एसटी एलिवेशन मायोकार्डियल इंफार्क्शन हार्ट अटैक का एक गंभीर प्रकार है। इसमें हृदय की मांसपेशियों तक रक्त पहुंचाने वाली धमनी अचानक बंद हो जाती है, जिससे प्रभावित हिस्से को ऑक्सीजन नहीं मिल पाती और हृदय की मांसपेशियों को नुकसान पहुंचता है। समय पर उपचार न मिलने पर मरीज की जान को गंभीर खतरा हो सकता है।