

ChatGPT AI Skills: आज के समय में हर एक ऑफिस में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल तेजी से बढ़ता जा रहा है और अब कंपनियां भी चाहती हैं कि कर्मचारी AI टूल्स का बेहतर इस्तेमाल करना सीखें। जिसको देखते हुए OpenAI ने भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए 30 दिनों का स्ट्रक्चर्ड AI Learning Plan पेश किया है। इसको किसी पारंपरिक AI कोर्स की तरह नहीं बनाया गया है बल्कि ऐसा प्रैक्टिकल रोडमैप है जो आपकी रोजमर्रा की नौकरी और कामकाज के अनुसार तैयार होता है। वहीं इसका उद्देश्य ChatGPT के जरिए AI को सिर्फ समझाना नहीं बल्कि उसे रोज के काम में शामिल करना भी है।
OpenAI की पहल में उसके फ्रेमवर्क का पहला कदम काफी अलग है। इसमें यूजर को ChatGPT को अपनी नौकरी, इंडस्ट्री, रोजाना के सबसे ज्यादा समय लेने वाले काम और सीखने के लिए उपलब्ध समय की जानकारी देनी होती है। जिसको देखते हुए ChatGPT 30 दिनों का एक पर्सनलाइज्ड AI Learning Plan तैयार करता है। वह पहले सप्ताह में ChatGPT के Study Mode के जरिए AI की बुनियादी जानकारी दी जाती है। इस दौरान यूजर्स प्रॉम्प्ट्स, चैटबॉट्स, AI एजेंट्स और वर्कप्लेस ऑटोमेशन जैसे विषयों को इंटरैक्टिव तरीके से समझते हैं।
वहीं दूसरे सप्ताह में फोकस उन कामों पर होता है जो बार-बार दोहराए जाते हैं। जिसमें OpenAI यूजर्स को Codex के जरिए रिपोर्ट तैयार करना, स्प्रेडशीट क्लीन करना, मीटिंग समरी बनाना और फॉलो-अप जैसे कार्य ऑटोमेट करने के लिए प्रेरित करता है। इसको लेकर कंपनी ने बताया है कि इस साल जनवरी से भारत में Codex का इस्तेमाल 27 गुना बढ़ चुका है। जिसमें खास बात यह है कि इसकी एक चौथाई से ज्यादा रिक्वेस्ट कोडिंग नहीं बल्कि डॉक्यूमेंट तैयार करने और स्प्रेडशीट ऑटोमेशन जैसे कामों के लिए आ रही हैं।
इस क्रम में तीसरे और चौथे सप्ताह में यूजर्स ChatGPT की इमेज जनरेशन क्षमता का इस्तेमाल कर अपने काम की विजुअल केस स्टडी तैयार कर सकते हैं। यह मॉडल हिंदी, बंगाली समेत कई भारतीय भाषाओं को सपोर्ट करता है। जिससे टीम और सीनियर्स के साथ रिपोर्ट साझा करना आसान हो जाता है। वहीं इसके बाद ChatGPT के Voice Conversations फीचर के जरिए मैनेजर के साथ होने वाली बातचीत की प्रैक्टिस भी कराई जाती है ताकि यूजर AI ऑटोमेशन के फायदे आत्मविश्वास के साथ समझा सके।
वहीं आखिरी दिन ChatGPT पूरे महीने की सीख, ऑटोमेट किए गए काम, हासिल हुए नतीजों और आगे क्या सीखना चाहिए, इसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करता है। जिसको लेकर OpenAI का मानना है कि इस 30-दिवसीय प्लान के बाद यूजर्स न केवल AI को बेहतर तरीके से समझ पाएंगे बल्कि कम से कम एक वर्कप्लेस ऑटोमेशन प्रोजेक्ट पूरा करने और अपने दैनिक काम में AI का प्रभावी उपयोग करने का आत्मविश्वास भी हासिल कर लेंगे।