Kaustubh Sangle Suicide Case: दक्षिण मुंबई के हाई सिक्योरिटी वाले लोकभवन परिसर में सोमवार रात कोल्हापुर एसआरपीएफ ग्रुप 16 के 26 वर्षीय जवान कौस्तुभ सांगले द्वारा की गई आत्महत्या के मामले में एक बेहद चौंकाने वाला और सनसनीखेज मोड़ सामने आया है। मालाबार हिल पुलिस द्वारा की जा रही त्वरित तकनीकी और स्थानीय जांच में इस आत्मघाती कदम के पीछे एक गंभीर प्रेम प्रसंग और मानसिक तनाव का पहलू उजागर हुआ है।
प्रारंभिक जांच के अनुसार, कौस्तुभ सांगले की जिंदगी में मीरा-भायंदर पुलिस बल में तैनात एक महिला कांस्टेबल की मौजूदगी की बात सामने आई है। पुलिस को संदेह है कि शादी टूटने और निजी रिश्तों में आई कड़वाहट के कारण ही जवान ने अपनी सर्विस गन से खुद को उड़ा लिया। इस नए खुलासे के बाद पुलिस ने अपनी तफ्तीश का दायरा बढ़ा दिया है।
जांच अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक, कौस्तुभ सांगले और मीरा-भायंदर पुलिस में कार्यरत महिला कांस्टेबल लंबे समय से एक-दूसरे के संपर्क में थे और दोनों ने आपस में शादी करने का फैसला भी कर लिया था। हालांकि, कुछ अज्ञात कारणों से यह रिश्ता आगे नहीं बढ़ पाया और महिला कांस्टेबल ने कौस्तुभ से शादी करने से साफ इनकार कर दिया।
इसके बाद महिला के परिवार वालों ने उसकी शादी विभाग के ही एक अन्य पुलिस अधिकारी से तय कर दी। खबरों के अनुसार, इस बात से आहत होकर कौस्तुभ सांगले भयंकर मानसिक तनाव में चले गए थे। इसी बीच उन्होंने महिला कांस्टेबल के साथ की अपनी कुछ बेहद निजी तस्वीरें उसके होने वाले पति (पुलिस अधिकारी) को भेज दी थीं, जिसके बाद विवाद और बढ़ गया था।
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इस मामले में सबसे चौंकाने वाली कड़ी यह सामने आ रही है कि कौस्तुभ सांगले ने सोमवार को यह खौफनाक कदम उठाने से ठीक पहले संबंधित महिला कांस्टेबल को फोन पर बार-बार डराया और धमकाया था कि वह जल्द ही सुसाइड कर लेगा।
सूत्रों के मुताबिक, इस लगातार मिल रही धमकी के बाद संबंधित महिला कांस्टेबल ने भयभीत होकर भायंदर पुलिस को पहले ही मौखिक या लिखित तौर पर सचेत कर दिया था कि कौस्तुभ कोई भी आत्मघाती कदम उठा सकता है। मालाबार हिल पुलिस अब इस बात की कड़ाई से जांच कर रही है कि क्या भायंदर पुलिस द्वारा यह संवेदनशील जानकारी समय रहते एसआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाई गई थी या नहीं?
फॉरेंसिक टीम द्वारा लोकभवन के टावर 2 और बैरक परिसर से सभी आवश्यक वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए जाने के बाद अब पूरा दारोमदार डिजिटल एविडेंस पर टिक गया है। पुलिस कौस्तुभ के मोबाइल की कॉल डेटा रिकॉर्ड (CDR) और चैट हिस्ट्री को खंगाल रही है ताकि तस्वीरें भेजने के मुख्य मकसद और दोनों के बीच आखिरी पलों में हुए विवाद की सटीक टाइमलाइन का पता लगाया जा सके।
इसके साथ ही, यह पता लगाने का भी प्रयास किया जा रहा है कि क्या कौस्तुभ अपने तनाव को दूर करने के लिए विभाग के माध्यम से कोई काउंसलिंग या थेरेपी ले रहे थे? कोल्हापुर एसआरपीएफ ग्रुप 16 में मची इस हलचल के बीच उनके साथी जवानों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि उनकी मानसिक स्थिति का पूरा सच सामने आ सके।