Upcoming IPO September 2026 India: इंटीग्रेटेड फैब्रिक मैन्युफैक्चरिंग और प्रोसेसिंग क्षेत्र में काम करने वाली सोना सिलेक्शन इंडिया लिमिटेड अपना आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) लेकर आ रही है। कंपनी का IPO 17 सितंबर 2026 को खुलेगा और निवेशक 21 सितंबर तक इसमें बोली लगा सकेंगे। एंकर निवेशकों के लिए इश्यू 16 सितंबर को खुलेगा। कंपनी ने IPO के लिए प्रति इक्विटी शेयर ₹94 से ₹99 का प्राइस बैंड तय किया है।
कंपनी इस IPO के माध्यम से ₹10 अंकित मूल्य वाले अधिकतम 1.43 करोड़ इक्विटी शेयर जारी करेगी। यह पूरी तरह फ्रेश इश्यू होगा। तय प्राइस बैंड के हिसाब से फ्लोर प्राइस ₹94 और कैप प्राइस ₹99 प्रति शेयर रहेगा। फ्लोर प्राइस शेयर के अंकित मूल्य का 9.40 गुना, जबकि कैप प्राइस 9.90 गुना है।
IPO में निवेश करने के इच्छुक लोगों के लिए न्यूनतम बोली 150 इक्विटी शेयरों की रखी गई है। इसके बाद निवेशक 150-150 शेयरों के गुणकों में बोली लगा सकेंगे। कंपनी के शेयरों को IPO के बाद बीएसई और एनएसई पर सूचीबद्ध करने का प्रस्ताव है। इश्यू बुक-बिल्डिंग प्रक्रिया के तहत पेश किया जाएगा।
सेबी के नियमों के अनुसार, इश्यू का अधिकतम 50 फीसदी हिस्सा योग्य संस्थागत खरीदारों (QIB) के लिए उपलब्ध होगा। कंपनी अपने बुक रनिंग लीड मैनेजर के परामर्श से QIB हिस्से के 60 फीसदी तक हिस्से को एंकर निवेशकों को आवंटित कर सकती है। एंकर हिस्से में घरेलू म्यूचुअल फंड, जीवन बीमा कंपनियों और पेंशन फंड के लिए निर्धारित आरक्षण का भी प्रावधान रहेगा।
इश्यू का कम से कम 15 फीसदी हिस्सा गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) और कम से कम 35 फीसदी हिस्सा खुदरा निवेशकों के लिए उपलब्ध रहेगा। खुदरा और अन्य पात्र निवेशकों को ASBA प्रक्रिया के माध्यम से आवेदन करना होगा। UPI के जरिए आवेदन करने वाले निवेशकों को आवेदन के दौरान अपनी संबंधित UPI ID उपलब्ध करानी होगी।
कंपनी के एमडी हर्षिल नुआल और प्रमोटर दीपक भंडारी के मुताबिक, IPO से जुटाई जाने वाली राशि का इस्तेमाल मुख्य रूप से बैंकों से लिए गए कुछ ऋणों के पूर्ण या आंशिक भुगतान के लिए किया जाएगा। इसके अलावा राजस्थान के भीलवाड़ा स्थित कंपनी की मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में प्लांट और मशीनरी की खरीद पर भी रकम खर्च की जाएगी। बची हुई राशि का इस्तेमाल सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
इस IPO के लिए चॉइस कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर नियुक्त किया गया है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड रजिस्ट्रार की भूमिका निभा रही है। कंपनी की नजर IPO के जरिए पूंजी जुटाने के साथ-साथ अपनी मौजूदा विनिर्माण क्षमता को मजबूत करने पर है।