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मुंबई

मुंबई में छोटे कैडर के पदों के लिए पॉइंट लिस्ट की होगी समीक्षा, मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी गठित

Maharashtra Government News : महाराष्ट्र सरकार ने छोटे कैडर के पदों पर सीधी भर्ती के लिए तय पॉइंट लिस्ट की समीक्षा हेतु मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी गठित की है। 3 महीने में रिपोर्ट सौंपी जाएगी।

रूपम सिंह

Maharashtra Small Cadre Direct Recruitment Point List Review: महाराष्ट्र में सीधी सेवा भर्ती के तहत छोटे कैडर के पदों को भरने के लिए निर्धारित पॉइंट लिस्ट की समीक्षा की जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार ने एक विशेष कमेटी का गठन किया है। कमेटी छोटे कैडर के पदों पर सभी आरक्षित वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए उपाय सुझाएगी। समिति अपनी रिपोर्ट तीन महीने के भीतर सरकार को सौंपेगी।

मुख्य सचिव होंगे कमेटी के अध्यक्ष

सरकार की ओर से जारी शासनादेश के अनुसार, मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल कमेटी के अध्यक्ष होंगे। सांसद डॉ. हेमंत सावरा, विधायक राजेंद्र गावित और विधायक राजू तोड़साम को समिति में सदस्य के तौर पर शामिल किया गया है।

कई विभागों के अधिकारी भी सदस्य

कमेटी में सामान्य प्रशासन विभाग के अतिरिक्त सचिव के साथ विधि एवं न्याय विभाग के प्रधान सचिव, सामाजिक न्याय विभाग के प्रधान सचिव, अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के सचिव और आदिवासी विकास विभाग के सचिव को भी सदस्य बनाया गया है। सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव समिति के सदस्य-सचिव होंगे।

ट्राइबल एडवाइजरी काउंसिल की बैठक में हुई थी चर्चा

महाराष्ट्र सरकार के अनुसार, 2 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में महाराष्ट्र स्टेट ट्राइबल एडवाइजरी काउंसिल की 52वीं बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में छोटे कैडर के पदों के लिए निर्धारित पॉइंट लिस्ट के आधार पर विभिन्न आरक्षित वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व देने के मुद्दे पर चर्चा हुई थी।

आदिवासी प्रतिनिधियों की राय को रखा गया ध्यान में

बैठक के दौरान अनुसूचित जनजाति वर्ग के प्रतिनिधियों की राय को ध्यान में रखते हुए मौजूदा पॉइंट लिस्ट की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए थे। इसी के अनुरूप सामान्य प्रशासन विभाग ने कमेटी के गठन से संबंधित शासनादेश जारी किया है।

तीन महीने में देनी होगी रिपोर्ट

कमेटी छोटे कैडर के पदों पर सीधी सेवा भर्ती के लिए लागू पॉइंट लिस्ट का अध्ययन करेगी। इसके बाद आरक्षित वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक बदलाव और उपायों को लेकर सरकार को सुझाव देगी। समिति को अपनी रिपोर्ट तीन महीने में सरकार को सौंपनी होगी।

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