

Maharashtra Cabinet Meeting Anti Drugs Policy: राज्य में बढ़ते ड्रग्स के कारोबार को लेकर आज मंत्रिमंडल बैठक में तीखी बहस हुई। कई मंत्रियों ने सीधे गृह विभाग को निशाने पर लिया। मुख्यमंत्री के पास ही गृह विभाग है। मंत्रियों का आरोप था कि भ्रष्ट पुलिस अधिकारी ड्रग्स सिंडिकेट को संरक्षण दे रहे हैं। इसी वजह से राज्य में नशे का कारोबार बेरोकटोक चल रहा है। इसी नाराजगी के बीच सरकार ने नशे के खिलाफ एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया।
बैठक में मंत्रियों ने लापरवाह और भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग रखी। इसके बाद सरकार ने सर्वसमावेशक शासकीय दृष्टिकोन नाम की नई नीति को मंजूरी दी। इस नीति के तहत राज्य के सभी विभाग मिलकर काम करेंगे। इनमें गृह, स्कूली शिक्षा, उच्च व तकनीकी शिक्षा, राजस्व और सामाजिक न्याय विभाग शामिल हैं।
इस नीति का मकसद ड्रग्स की सप्लाई चेन को तोड़ना है। साथ ही स्कूल और कॉलेज परिसरों की सख्त निगरानी की जाएगी। इसका उद्देश्य युवा पीढ़ी को नशे से बचाना है। सरकार ने राज्य से ड्रग्स माफिया के पूरी तरह सफाए का लक्ष्य रखा है।
केंद्र सरकार ने साल 2029 तक पूरे देश से नशे के उन्मूलन का लक्ष्य तय किया है। इसी के तहत स्नशामुक्त भारत अभियानर चलाया जा रहा है। महाराष्ट्र इस दिशा में देश का पहला राज्य बन गया है, जिसने इतने बड़े पैमाने पर सभी विभागों को जोड़कर अभियान शुरू किया है।
पुणे जिले की कुकड़ी सिंचाई परियोजना के लिए 5,704.50 करोड़ रुपये की संशोधित लागत को मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है। परियोजना से 1 लाख 44 हजार 912 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता निर्मित होने का अनुमान है।
इससे कृषि क्षेत्र में पानी की उपलब्धता बढ़ेगी और बड़ी संख्या में किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है। इस मंजूरी से परियोजना के आगामी कार्यों को आवश्यक प्रशासनिक एवं आर्थिक आधार मिलेगा।