Shiv Sena Symbol Name Dispute Supreme Court Hearing: शिवसेना पार्टी के नाम व चुनाव चिन्ह विवाद को लेकर मंगलवार को सुनवाई नहीं हो सकी। ऐसी रिपोर्ट है कि सुनवाई के लिए तीन सदस्यों वाली बेंच के नहीं बैठ पाने की वजह से यह सुनवाई टली है। अब इस याचिका पर बुधवार को सुनवाई होगी। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की तीन मेंबर वाली बेंच के सामने सुनवाई होगी।
इससे पहले 16 और 17 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई थी। इन सुनवाइयों के दौरान एकनाथ शिंदे गुट की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नीरज किशन कौल ने चुनाव आयोग के फैसले का बचाव किया था। अदालत ने आयोग द्वारा अपनाए गए आधार और उपलब्ध विकल्पों पर सवाल किए थे।
शिंदे गुट का कहना है कि चुनाव आयोग ने शिवसेना के संविधान, संगठनात्मक ढांचे और दोनों गुटों के समर्थन को देखते हुए अपना निर्णय लिया। आयोग ने फरवरी 2023 में शिंदे गुट को शिवसेना के रूप में मान्यता देते हुए ‘धनुष-बाण’ चुनाव चिन्ह आवंटित किया था।
उद्धव ठाकरे गुट की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और देवदत्त कामत ने चुनाव आयोग के फैसले को चुनौती दी है। ठाकरे गुट का तर्क है कि विधायकों की संख्या के आधार पर किसी गुट को पार्टी का नाम और चुनाव चिन्ह देना उचित नहीं है।
17 सितंबर की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने सवाल किया था कि यदि उपलब्ध परीक्षणों के आधार पर किसी एक गुट को मूल चुनाव चिन्ह देना उचित नहीं था, तो क्या दोनों गुटों को अलग-अलग चुनाव चिन्ह देकर चुनाव लड़ने का विकल्प नहीं दिया जा सकता था। अदालत ने चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया की भी पड़ताल की।
शिवसेना के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर यह विवाद 2022 में पार्टी में हुए विभाजन के बाद से न्यायिक प्रक्रिया में है। सुप्रीम कोर्ट में अब चुनाव आयोग के निर्णय को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर आगे की सुनवाई होगी।