Silver Oak Meeting NCP Strategy: महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल एक बार फिर अपने चरम पर पहुंच गई है, जहां राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरदचंद्र पवार गुट अपने सर्वोच्च नेता शरद पवार के मार्गदर्शन में एक नए राजनीतिक कमबैक की योजना बनाने में जुट गई है। मुंबई स्थित शरद पवार के निजी आवास सिल्वर ओक में पार्टी के प्रमुख नेताओं, सांसदों और विधायकों की एक विशेष रणनीति बैठक आयोजित हुई।
इसके ठीक अगले दिन पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, सांसदों, विधायकों और राज्यभर के प्रमुख पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं की एक व्यापक समीक्षा बैठक बुलाई गई। राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है कि महाराष्ट्र की राजनीति के चाणक्य माने जाने वाले शरद पवार राज्य के वर्तमान हालात को देखते हुए किसी बेहद तगड़े प्लान के साथ चुनावी रणभूमि में उतरने की तैयारी कर रहे हैं।
महाराष्ट्र में 25 सितंबर 2026 को 265 तालुकाओं में आधिकारिक रूप से सूखा घोषित किया गया है। हालांकि, सूखा घोषित किए जाने के बावजूद राज्य सरकार की ओर से घोषित किए गए राहत उपाय बेहद सीमित और नाकाफी साबित हुए हैं। राज्य में उपजे इस भीषण सूखे और किसानों व शेतमजूरों की दयनीय स्थिति के कारण वर्तमान में फडणवीस सरकार की स्थिति कमजोर मानी जा रही है।
ऐसे में शरद पवार गर्म लोहे पर हथौड़ा मारने की रणनीति के तहत पूरी पार्टी को चुनावी मोर्चेबंदी में लगा चुके हैं। पार्टी अब किसानों का पक्ष मजबूती से रखकर और सरकार की कमियों को उजागर करके राज्य की राजनीति में पुनः अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाती नजर आ रही है।
समीक्षा बैठक के दौरान राज्य की राजनीतिक परिस्थिति और सूखे के गंभीर संकट पर गहन विचार विमर्श किया गया, जिसमें विधायक रोहित पवार सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया। सूखे से प्रभावित किसानों, खेत मजदूरों और विद्यार्थियों को तुरंत व प्रभावी राहत पहुंचाने के उद्देश्य से शरद पवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को एक 17 सूत्रीय मांगों का पत्र भेजा है।
इस पत्र में सूखे से निपटने और प्रभावितों को तात्कालिक सहायता देने के लिए ठोस उपाय सुझाए गए हैं। शरद पवार की इन 17 मुख्य मांगों और पार्टी की भावी रणनीति से मीडिया को अवगत कराने के लिए मुंबई में एक विशेष पत्रकार परिषद भी आयोजित की गई, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे, पूर्व मंत्री हर्षवर्धन पाटिल और विधानमंडल गटनेते डॉ. जितेंद्र आव्हाड ने संयुक्त रूप से सरकार की नीतियों पर निशाना साधा।
एनसीपी शरद पवार गुट की इस नई रणनीति में नेताओं की भूमिकाएं बेहद सधे हुए अंदाज में बांटी गई हैं। एक तरफ रोहित पवार और जितेंद्र आव्हाड जैसे कद्दावर नेता पूरी तरह आक्रामक रुख अपनाकर सरकार पर तीखे हमले कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ सुप्रिया सुले और शशिकांत शिंदे जैसे संयमी नेता अपने शांत व प्रभावशाली लहजे में जनता के मुद्दों को सामने रख रहे हैं।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अपनी बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य संबंधी सीमाओं के बावजूद शरद पवार खुद रणनीति तैयार कर रहे हैं और समय समय पर मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सुझाव व मांगें भेज रहे हैं। सिल्वर ओक से लेकर कार्यकर्ता बैठकों तक की इस पूरी कवायद से स्पष्ट है कि पार्टी 2029 और आगामी विधानसभा चुनावों में सशक्त कमबैक करने के लिए पूरा प्लान बनाकर उस पर अमल कर रही है।