ठाणे: क्लस्टर विकास कंपनी को अधिकार देने और 12 FSI के खिलाफ NCP-BJP हमलावर, जितेंद्र आव्हाड निकालेंगे मोर्चा

Thane Cluster Development FSI Row: ठाणे में क्लस्टर विकास योजना के तहत क्लस्टर कंपनी को अधिकार देने और 12 FSI के फैसले पर राकांपा (एसपी) और भाजपा हमलावर हैं। जितेंद्र आव्हाड मोर्चा निकालेंगे।
Thane NCP and BJP up in arms over granting powers to the Cluster Development Company and the provision for 12 FSI
ठाणे क्लस्टर विकास, प्रतीकात्मक तस्वीरसोर्स- सोशल मीडिया
Published on
Updated on

Jitendra Awhad NCP Protest Thane: ठाणे महानगरपालिका ने शहर में क्लस्टर विकास योजना को लागू करने के लिए क्लस्टर विकास कंपनी को सारे अधिकार दे दिए हैं। साथ ही इस योजना के तहत 12 एफएसआई देने का निर्णय लिया गया है, जिसको लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। इसके खिलाफ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की तरफ से गुरुवार 27 अगस्त को पार्टी के नेता एवं विधायक जितेंद्र आव्हाड के नेतृत्व में मोर्चा निकालने का निर्णय लिया गया है।

कंपनी के प्रस्ताव को मनपा की महासभा में आनन-फानन में मंजूरी देने को लेकर सत्ता में सहयोगी भाजपा भी नाराज है। दावा है कि इस निर्णय से ठाणे शहर की आबादी पांच गुना बढ़ सकती है। इसका असर नागरी सुविधाओं पर पड़ेगा।

सुधार कंपनी लिमिटेड का किया गया गठन

महानगरपालिका ने इस परियोजना के निर्माण और क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार के उपक्रम महाप्रीत के साथ साझेदारी में ठाणे क्लस्टर विकास और क्षेत्र सुधार कंपनी लिमिटेड (टीसीडीएआईसीएल) का गठन किया है। महाप्रीत स्वच्छ ऊर्जा, उभरती प्रौद्योगिकियों

और पिछड़े वर्गों के आर्थिक उत्थान के लिए अवसंरचना परियोजनाओं के क्रियान्वयन पर ध्यान केंद्रित करता है। एसपीवी का गठन 17 अक्टूबर, 2024 को हुआ था, जिसमें महाप्रीत की 74 प्रतिशत और टीएमसी की 26 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

निजी कंपनी को पॉलिसी तय करने का अधिकार

एसपी के ठाणे शहर जिला अध्यक्ष मनोज प्रधान ने कहा है कि ठाणे शहर में विकास के कामों की पॉलिसी तय करने का अधिकार अप्रत्यक्ष तौर पर एक निजी कंपनी को देने की साजिश रची गई है।

अब से क्लस्टर डेवलपमेंट से जुड़ा कोई भी फैसला लेने का अधिकार उस कंपनी को दे दिया जाएगा, जिससे मनपा की महासभा के अधिकार खत्म हो जाएंगे और सभी जनप्रतिनिधियों की वैल्यू कम हो जाएगी। मनोज प्रधान ने कहा कि इस मोर्चा के जरिए हम बेसिक मुद्दों पर बात करेंगे।

Thane NCP and BJP up in arms over granting powers to the Cluster Development Company and the provision for 12 FSI
चाकण-भोसरी औद्योगिक क्षेत्र में 2,320 करोड़ के निवेश का रास्ता साफ, 49 MSME के साथ MOU पर लगी मुहर

इस शहर में 4 हज़ार एकड़ जमीन पर कंस्ट्रक्शन होगा। उन्हें 12।5 का एफएसआई किस आधार पर दिया जा रहा है? इस कंस्ट्रक्शन के बाद ठाणे में कितने घर बनेंगे? ठाणे में कितने लोग रहेंगे? उन्हें पानी कैसे मिलेगा? सीवेज और ड्रेनेज की प्लानिंग कैसे होगी? अगर मालिकाना हक वाले घर देने हैं, तो 30 साल के कॉन्ट्रैक्ट क्यों साइन किए जा रहे हैं?

बड़े घरों वालों को 323 स्क्वेयर फीट के घर क्यों दिए जा रहे हैं? कमर्शियल फ्लैट्स पर 180 स्क्वेयर फीट से ज्यादा रेट क्यों लिए जा रहे हैं? घरों के नीचे की जमीन का मालिकाना हक ठाणे महानगरपालिका के पास क्यों होगा? हम ऐसे सवाल पूछेंगे।

12 एफएसआई के बारे में उपमहापौर को जानकारी नहीं

ठाणे शहर के उप महापौर कृष्णा पाटिल का कहना है कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि क्लस्टर विकास परियोजना के लिए आधिकारिक तौर पर 12 का एफएसआई घोषित किया गया है।

हमारी राय में, 12 का एफएसआई व्यवहार्य नहीं है, क्योंकि यह ठाणे जैसे शहर के लिए बहुत अधिक है। कुछ महीने पहले मनपा आयुक्त ने स्वीकार किया था कि ठाणे में प्रतिदिन 31 मिलियन लीटर पानी की कमी है। फिर लाखों की संख्या में नई आबादी बढ़ने से समस्या और गंभीर हो जाएगी।

भविष्य की आबादी के आकलन के बाद ही दें मंजूरी

पूर्व नगरसेवक संजय पांडुरंग घडीगांवकर ने मुख्यमंत्री और ठाणे जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि वे ठाणे शहर में इस तरह की बड़े पैमाने पर विकास परियोजनाओं को तब तक मंजूरी न दें जब तक कि वैज्ञानिक और कानूनी रूप से यह आकलन न कर लिया जाए कि शहर की भविष्य की जनसंख्या वृद्धि को मौजूदा और नियोजित बुनियादी ढांचे द्वारा पर्याप्त रूप से समर्थित किया जा सकता है या नहीं।

घडीगांवकर ने कहा कि "उच्च एफएसआई/टीडीआर का मतलब केवल निर्माण में वृद्धि ही नहीं है, बल्कि इससे जनसंख्या घनत्व भी बढ़ता है और जल आपूर्ति, सीवेज व्यवस्था, अपशिष्ट प्रबंधन, परिवहन, स्वास्थ्य सेवा, अग्नि सुरक्षा और पर्यावरण पर दबाव भी बढ़ता है। इसलिए प्रमुख विकास परियोजनाओं को मंजूरी देने से पहले चार आकलन, जनसंख्या प्रभाव आकलन (पीआईए), अवसंरचना प्रभाव आकलन (आईआईए), पारिस्थितिक वहन क्षमता आकलन (ईसीसीए) और संचयी प्रभाव आकलन (सीआईए) अनिवार्य किए जाएं।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com