विधान परिषद का टिकट न मिलने से नाराज हैं शाइना एनसी? (फोटो क्रेडिट-X)  
मुंबई

शिंदे से नाराज शाइना एनसी थाम सकती हैं NCP का दामन! सुनेत्रा पवार से मुलाकात के बाद तेज हुई अटकलें

Shaina NC To Leave Shiv Sena: शाइना एनसी और सुनेत्रा पवार की मुलाकात के बाद शिंदे सेना छोड़ने की अटकलें तेज। विधान परिषद का टिकट न मिलने से नाराज हैं शाइना एनसी।

अनिल सिंह

Shaina NC Eknath Shinde: महाराष्ट्र के राजनीतिक गलियारों में इन दिनों 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर भारी चर्चा हो रही है। माना जा रहा है कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के संपर्क में उद्धव ठाकरे गुट के कई विधायक और सांसद हैं, जिससे वे विपक्षी खेमे को बड़ा झटका दे सकते हैं। हालांकि, इस बीच खुद उपमुख्यमंत्री शिंदे के लिए एक असहज करने वाली खबर सामने आई है। पार्टी की प्रमुख चेहरा और प्रवक्ता शाइना एनसी के पार्टी छोड़ने की चर्चाओं ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है।

शाइना एनसी मूल रूप से भारतीय जनता पार्टी की सक्रिय नेता रही हैं और उन्होंने अपनी राजनीति के गुर वहीं से सीखे हैं। विधानसभा चुनाव से लगभग दो साल पहले, उन्होंने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना का दामन थामा था। पार्टी ने उन पर भरोसा जताते हुए मुंबादेवी विधानसभा सीट से टिकट भी दिया था, लेकिन चुनावी परिणामों में उन्हें असफलता हाथ लगी। इसके बावजूद, वे टीवी बहसों और सार्वजनिक मंचों पर आक्रामक तरीके से शिवसेना का बचाव करती नजर आती थीं।

विधान परिषद की उम्मीदवारी पर नाराजगी

खबरों के अनुसार, शाइना एनसी की नाराजगी का मुख्य कारण विधान परिषद का चुनाव है। उन्हें पूरी उम्मीद थी कि शिवसेना उन्हें विधान परिषद में भेजने के लिए उम्मीदवार बनाएगी, लेकिन जब उन्हें मौका नहीं मिला, तो उनके भीतर असंतोष पनपने लगा। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पार्टी में अपनी उपेक्षा महसूस होने के कारण वे अब नए विकल्प तलाश रही हैं।

सुनेत्रा पवार से मुलाकात और एनसीपी का रुख

अटकलों को तब और बल मिला जब शाइना एनसी ने एनसीपी प्रमुख और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार से औपचारिक मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि वे जल्द ही अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में शामिल हो सकती हैं। यदि ऐसा होता है, तो यह शिंदे गुट के लिए एक बड़ा संगठनात्मक और प्रतीकात्मक नुकसान साबित हो सकता है।

शिवसेना के लिए बढ़ती चुनौतियां

शाइना एनसी का पार्टी छोड़ना एकनाथ शिंदे के लिए व्यक्तिगत तौर पर भी एक झटका होगा, क्योंकि वे मुंबई के एक शिक्षित और प्रभावशाली चेहरे के रूप में पार्टी का प्रतिनिधित्व कर रही थीं। एक तरफ जहाँ शिंदे अन्य दलों के नेताओं को अपने पाले में लाने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं अपनी ही पार्टी के दिग्गज नेताओं की नाराजगी दूर करना उनके लिए आने वाले समय में एक बड़ी चुनौती बन सकता है।

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