Social Activist Seema Singh On Women's Reservation Bill: महिला आरक्षण बिल के लोकसभा में पारित न हो पाने के बाद देश भर में राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। इसी कड़ी में सुप्रसिद्ध समाजसेवी और मेघाश्रे फाउंडेशन की राष्ट्रीय अध्यक्ष सीमा सिंह ने विपक्ष की भूमिका पर कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने विपक्ष के इस रुख को महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक सोची-समझी बाधा करार दिया है।
सीमा सिंह ने एक कड़ा बयान जारी करते हुए कहा कि कांग्रेस और 'INDI' गठबंधन ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर देश की करोड़ों महिलाओं के सपनों और उनकी आशाओं पर सीधा प्रहार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब देश महिला सशक्तिकरण के एक ऐतिहासिक क्षण का इंतजार कर रहा था, तब विपक्ष इसे रोकने की साजिशें रच रहा था।
सीमा सिंह ने आगे कहा कि विपक्ष ने परिसीमन (Delimitation) के मुद्दे को एक ढाल की तरह इस्तेमाल किया है। उनके अनुसार, यह केवल बिल को लटकाने और महिलाओं को उनके राजनीतिक अधिकारों से वंचित रखने का एक बहाना मात्र था। उन्होंने कहा, "विपक्ष इस ऐतिहासिक कदम का जश्न मनाने और इसमें सहभागी बनने के बजाय, इसे गिराने की कोशिशों में लगा रहा, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 'अंतरात्मा की आवाज पर वोट' देने की अपील का जिक्र करते हुए श्रीमती सिंह ने कहा कि विपक्ष ने इस सुनहरे मौके को गंवा दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की जनता और विशेषकर महिलाएं इस रवैये के लिए विपक्ष को कभी माफ नहीं करेंगी।
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सीमा सिंह ने अंत में विश्वास जताते हुए कहा कि भले ही विपक्ष ने आज एक अस्थायी रुकावट पैदा कर दी हो, लेकिन प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महिलाओं को सम्मान और अधिकार दिलाने की दिशा में उठाए गए कदमों को रोका नहीं जा सकेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नारी शक्ति अपने अधिकारों की लड़ाई और मजबूती से लड़ेगी।