

Sunetra Pawar On Women's Reservation Bill 2026: महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की अध्यक्ष सुनेत्रा पवार ने संसद में महिला आरक्षण विधेयक के गिरने पर गहरा रोष व्यक्त किया है। शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने विपक्ष को आड़े हाथों लिया और कहा कि यह हार महिलाओं के अधिकारों की नहीं, बल्कि विपक्ष की संकुचित मानसिकता की जीत है।
सुनेत्रा पवार ने अपने पोस्ट में कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते लिखा कि "यह कहना कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी कि कल का दिन हमारे भारतीय लोकतंत्र के लिए एक शर्मनाक दिन था। 131वां संविधान संशोधन विधेयक जिसका उद्देश्य महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण प्रदान करना था, लोकसभा में पारित नहीं हो सका; या यूं कहें कि इसे जान-बूझकर पारित होने से रोका गया, जिससे एक बार फिर विपक्ष की महिला-विरोधी मानसिकता बेनकाब हो गई।"
सुनेत्रा पवार ने आगे लिखा कि "ठीक उन्हीं लोगों ने महिलाओं के अधिकारों पर चोट की, जो महिलाओं के सशक्तिकरण के नाम पर राजनीति करते हैं। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा एकता के लिए किए गए आह्वान को अनसुना करना, न केवल अहंकार का एक कृत्य है, बल्कि इस राष्ट्र की महिलाओं के साथ किया गया एक घोर अन्याय भी है। हालांकि, महिलाओं के आरक्षण की यह लड़ाई यहीं समाप्त नहीं होगी। नारी शक्ति महिलाओं की शक्ति अपना जवाब अवश्य देगी।"
शुक्रवार को लोकसभा में ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’ पेश किया गया था। इस बिल का उद्देश्य 2029 से लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करना और लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर 816 करना था।
सदन में हुए मत विभाजन के दौरान दृश्य कुछ इस प्रकार था।
चूंकि विधेयक को पारित करने के लिए आवश्यक 352 वोटों का आंकड़ा नहीं मिल पाया, इसलिए यह ऐतिहासिक संशोधन गिर गया। विपक्ष की इस एकजुटता के कारण बिल सदन की कसौटी पर खरा नहीं उतर सका।
महिला आरक्षण बिल के लोकसभा में पारित न हो पाने के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8:30 बजे राष्ट्र को संबोधित करने वाले हैं।पीएम मोदी इस संबोधन के जरिए देश की जनता, विशेषकर महिलाओं के सामने केंद्र सरकार का पक्ष रखेंगे और विपक्ष के रुख पर अपनी बात कहेंगे।