SC Reservation Sub Classification: अनुसूचित जाति आरक्षण के उप वर्गीकरण की मांग को लेकर अखिल भारतीय खटिक समाज ने अपना समर्थन व्यक्त किया है। संस्था के राष्ट्रीय महासचिव व महाराष्ट्र प्रदेश प्रभारी आर. डी. सोनकर ने अनुसूचित जाति आरक्षण का लाभ सभी पात्र समुदायों तक समान रूप से पहुंचाने के लिए उप वर्गीकरण को आवश्यक बताया है।
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 341 के तहत महाराष्ट्र की अनुसूचित जाति सूची में कुल 59 जातियां शामिल हैं। राज्य में अनुसूचित जातियों के लिए 13 प्रतिशत आरक्षण निर्धारित है, लेकिन इसका लाभ सभी समुदायों को समान रूप से नहीं मिल पा रहा है।
आर. डी. सोनकर ने कहा कि कुछ जातियों को आरक्षण का अपेक्षाकृत अधिक लाभ मिल रहा है, जबकि कई जातियां अपने हिस्से के अवसरों से अब भी वंचित हैं। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति समुदाय के भीतर सामाजिक और शैक्षणिक स्थिति अलग-अलग है।
ऐसे में आरक्षण का लाभ वास्तविक रूप से जरूरतमंद और पिछड़े वर्गों तक पहुंचाने के लिए उपवर्गीकरण आवश्यक है। इससे सभी पात्र जातियों को शिक्षा, रोजगार और प्रतिनिधित्व के समान अवसर मिल सकेंगे।
सोनकर ने कहा कि अनुसूचित जाति समुदाय की कई जातियां लंबे समय से शैक्षणिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़ी हुई है। ऐसी स्थिति में आरक्षण का लाभ समाज के प्रत्येक वंचित घटक तक पहुंचाना आवश्यक है।
आरक्षण का उपवर्गीकरण होने से अनुसूचित जाति के विभिन्न घटकों को उनकी सामाजिक व शैक्षणिक स्थिति के अनुरूप प्रतिनिधित्व और अवसर मिल सकेंगे और सामाजिक समता स्थापित करने में मदद मिलेगी। उन्होंने महाराष्ट्र सरकार की ओर से इस दिशा में लिए गए निर्णय का स्वागत करते हुए इसे सराहनीय कदम बताया है।
साथ ही राज्य में उप वर्गीकरण की प्रक्रिया को जल्द पूरा करने की मांग की गई है। उन्होंने कहा कि यदि आरक्षण उपवर्गीकरण का निर्णय जल्द लागू नहीं किया गया तो अनुसूचित जाति समाज के विभिन्न संगठनों की ओर से 29 सितंबर को आजाद मैदान में आंदोलन की जाएगी।