

Yavatmal Constitutional Awareness: विवाह केवल दो व्यक्तियों का नहीं, बल्कि दो परिवारों के संस्कारों और सामाजिक मूल्यों का संगम होता है। इस शुभ अवसर पर आमतौर पर निमंत्रण के साथ साड़ी, बर्तन, मिठाई या अन्य उपहार देने की परंपरा रही है। लेकिन खडका के उपसरपंच एवं प्रगतिशील समाजसेवी दत्तराव कदम ने इस परंपरा से हटकर मेहमानों को भारतीय संविधान की प्रति भेंट कर समाज के सामने एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है।
अपनी पुत्री देवयानी कदम, जो एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, के विवाह का निमंत्रण देते समय उन्होंने साड़ी या अन्य उपहार देने के बजाय प्रत्येक आमंत्रित अतिथि को भारतीय संविधान की प्रति भेंट की। विवाह जैसे आनंदमय अवसर को सामाजिक जागरूकता से जोड़ने वाली यह अनूठी पहल पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है और सभी वर्गों से इसकी सराहना की जा रही है।
दत्तराव कदम ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य संविधान में निहित समानता, स्वतंत्रता, बंधुत्व और सामाजिक न्याय जैसे मूल्यों को हर घर तक पहुंचाना, लोगों को संविधान पढ़ने के लिए प्रेरित करना तथा नागरिकों में संवैधानिक चेतना को मजबूत करना है। देवयानी कदम का विवाह केमिकल इंजीनियर प्रज्योत के साथ रविवार, 19 जुलाई 2026 को पुसद स्थित गणोबा मंगल कार्यालय में संपन्न होगा।
विवाह का निमंत्रण पत्र और उसके साथ भारतीय संविधान की प्रति प्राप्त कर आमंत्रित अतिथियों ने इस पहल की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।बढ़ते दिखावे और महंगे उपहारों के दौर में भारतीय संविधान जैसे अमूल्य वैचारिक ग्रंथ को उपहार के रूप में देना न केवल एक अभिनव पहल है, बल्कि समाज को सकारात्मक दिशा में सोचने के लिए प्रेरित करने वाला संदेश भी है। विवाह जैसे पारिवारिक उत्सव को सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ने वाली इस पहल के लिए दत्तराव कदम को चारों ओर से बधाइयां मिल रही हैं।