Sanjay Raut on Mallikarjun Kharge Controversy: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदर्भ में दिए गए कथित विवादित बयान को लेकर महाराष्ट्र की राजनीति में उबाल आ गया है। इस विवाद में कूदते हुए शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने खरगे का पुरजोर समर्थन किया है। राउत ने कहा कि पीएम मोदी जिस तरह ईडी (ED), सीबीआई (CBI) और पुलिस का डर दिखाकर विपक्ष को दबा रहे हैं, उसे 'पॉलिटिकल टेररिज्म' (राजनीतिक आतंकवाद) ही कहा जाएगा।
संजय राउत ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार संवैधानिक संस्थाओं को 'मिसाइल' की तरह इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा, "जो कोई डराता है, वह समाज में दहशत पैदा करता है। महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल में यही खेल चल रहा है। चुनाव जीतने के लिए दहशत फैलाई जाती है और विरोधियों को परिणाम भुगतने की धमकियाँ दी जाती हैं। इसी डराने की भाषा को दूसरे शब्दों में आतंकवाद कहा जाता है।"
संजय राउत ने पहलगाम हमले की बरसी पर केंद्र सरकार की विदेश नीति को भी कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने दावा किया कि पहलगाम में हिंदू पर्यटकों की हत्या के बाद सरकार ने 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया था, लेकिन अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फोन आने के बाद पीएम मोदी पीछे हट गए। राउत ने सवाल किया, "जिन आतंकवादियों ने 26 लोगों की हत्या की, वे आज भी पाकिस्तान में सुरक्षित हैं। सरकार ने उनके खिलाफ क्या ठोस कार्रवाई की?"
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मुंबई में टैक्सी और ऑटो चालकों के लिए मराठी भाषा अनिवार्य करने के सरकार के फैसले का संजय राउत ने स्वागत किया। उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि यदि कोई इस फैसले का विरोध कर रहा है, तो वह ठीक नहीं है। उन्होंने तर्क दिया, "तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों ने अपनी स्थानीय भाषाओं को अनिवार्य किया है, तो महाराष्ट्र में मराठी क्यों नहीं? यदि आप यहाँ रोजगार के लिए आए हैं और यहाँ पैसा कमा रहे हैं, तो आपको स्थानीय भाषा आनी ही चाहिए।"
राउत ने महिला आरक्षण संशोधन विधेयक के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि विधेयक मंजूर न होने के बावजूद भाजपा महिलाओं के नाम पर राजनीति कर रही है और विपक्ष को डरा रही है। उन्होंने सवाल किया, "आप हमें धमकियाँ देने वाले कौन होते हैं? लोकतंत्र में 'परिणाम भुगतने' की भाषा का कोई स्थान नहीं है।" राउत के इस बयान ने आगामी चुनावों से पहले महायुति और महाविकास अघाड़ी के बीच की कड़वाहट को और बढ़ा दिया है।