Sanjay Raut on Amit Thackeray Wish: महाराष्ट्र की सियासत में आए दिन कोई न कोई मोड़ आते रहता है। कभी पार्टियों और गठबंधनों में खींचतान की खबरें आती हैं तो कभी पार्टियों की टूटने की। अब महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद को लेकर सियासी हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के युवा नेता अमित ठाकरे ने पुणे में गणपति बप्पा के दर्शन के दौरान मन्नत मांगी कि उनके पिता और मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनें। अमित ठाकरे के इस बयान के बाद राज्य के राजनीतिक गलियारों में बहस छिड़ गई है।
बीजेपी ने इस पर चुटकी लेते हुए कहा कि मुख्यमंत्री बनने के लिए विधानसभा में विधायकों का जरूरी आंकड़ा होना चाहिए, जो मनसे के पास नहीं है। बीजेपी की इस टिप्पणी पर शिवसेना (उद्धव बालासाहब ठाकरे) के प्रवक्ता और सांसद संजय राउत ने तीखा पलटवार किया है।
उद्धव ठाकरे गुट के नेता संजय राउत ने मीडिया से बात करते हुए पूछा कि, "अगर किसी बेटे की यह इच्छा है कि उसके पिता मुख्यमंत्री बनें और इसके लिए वह भगवान गणेश से मन्नत मांगता है, तो इसमें गलत क्या है? मुझे तो इस बात की खुशी है कि अमित ठाकरे ने ऐसी मन्नत मांगी। अब उन्हें उसी दिशा में अपनी पार्टी का संगठन मजबूत करना होगा और आगे बढ़ना होगा।"
बीजेपी के तंज का जवाब देते हुए संजय राउत ने कहा कि क्या किसी ने सोचा था कि उद्धव ठाकरे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनेंगे? किसी के दिमाग में यह बात थी? उस समय सिर्फ मैं ही यह बात कह रहा था और उद्धव जी मुख्यमंत्री बने और उन्होंने राज्य में बेहतरीन काम करके दिखाया। बाद में साजिश रचकर उन्हें सत्ता से बेदखल कर दिया गया। किसी भी कीमत पर ठाकरे परिवार को रोकना है, बीजेपी और शिंदे गुट का एकमात्र काम है, लेकिन यह रुकावट ज्यादा दिन नहीं टिकेगी।
मुख्यमंत्री बनने के लिए बहुमत वाले सवाल पर संजय राउत ने कहा कि राज ठाकरे मुख्यमंत्री क्यों नहीं बन सकते? हम 2029 में साथ होंगे। हम बैठकर चर्चा करेंगे। बहुमत बहुत चंचल होता है। मोदी के पास आज बहुमत है, लेकिन यह 72 घंटों के भीतर खत्म हो सकता है। बहुमत इतना ही अस्थिर होता है।