Sanjay Raut on Ajit Pawar Death (फोटो क्रेडिट-X) 
मुंबई

'...तो क्या निष्पक्ष जांच हो पाएगी?' संजय राउत ने अजित पवार की मौत के सवालों को लेकर बीजेपी पर किया हल्लाबोल

Sanjay Raut on Ajit Pawar Death: संजय राउत ने अजित पवार की मौत पर निष्पक्ष जांच को लेकर संदेह जताया है। उन्होंने कहा कि बीजेपी के नियंत्रण वाली एजेंसियां सच सामने नहीं ला पाएंगी।

अनिल सिंह

Rohit Pawar Conspiracy Theory: महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान हादसे में हुई आकस्मिक मृत्यु ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है। अब इस मामले में शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने भी मोर्चा खोल दिया है। रोहित पवार द्वारा उठाए गए 'साजिश' के सवालों का समर्थन करते हुए राउत ने सीधे तौर पर केंद्र और राज्य की बीजेपी सरकार पर हमला बोला है। राउत ने जांच एजेंसियों की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए अंदेशा जताया है कि क्या बीजेपी के नियंत्रण वाली एजेंसियां इस संवेदनशील मामले की सच्चाई सामने ला पाएंगी।

संजय राउत के इस बयान ने इस दुखद हादसे को एक बड़े राजनीतिक विवाद में बदल दिया है।

जांच एजेंसियों की विश्वसनीयता पर राउत का कड़ा प्रहार

मीडिया एजेंसी आईएएनएस (IANS) से बात करते हुए संजय राउत ने कहा कि वर्तमान में देश की तमाम महत्वपूर्ण एजेंसियां जैसे CBI, IB और राज्य की पुलिस मशीनरी पूरी तरह से भारतीय जनता पार्टी के नियंत्रण में हैं। उन्होंने सवाल उठाया, "क्या ऐसी स्थिति में निष्पक्ष जांच संभव है?" राउत ने जोर देकर कहा कि अजित पवार जैसे कद्दावर नेता की मौत महज एक दुर्घटना थी या इसके पीछे कुछ और, इसे लेकर आम जनता के मन में गहरा संदेह पैदा हो गया है। उन्होंने रोहित पवार द्वारा साझा की गई जानकारियों को बेहद गंभीर बताया।

'एक्सीडेंट या साजिश?': जनता के मन में बढ़ता शक

संजय राउत ने अपने बयान में संकेत दिया कि इस दुर्घटना की कड़ियों को जिस तरह से जोड़ा जा रहा है, वह कई अनसुलझे सवाल छोड़ता है। उन्होंने कहा कि जब राज्य का उपमुख्यमंत्री सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या होगा? राउत के अनुसार, रोहित पवार ने जो संदेह व्यक्त किए हैं, वे केवल राजनीतिक आरोप नहीं हैं बल्कि वे उस 'डर' को दर्शाते हैं जो आज महाराष्ट्र की राजनीति में व्याप्त है। शिवसेना (UBT) अब इस मुद्दे को लेकर सड़क से लेकर सदन तक सरकार को घेरने की तैयारी में है।

बीजेपी का 'कंट्रोल' और निष्पक्षता की चुनौती

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा सीआईडी (CID) और डीजीसीए (DGCA) जांच के आश्वासन के बावजूद, विपक्ष संतुष्ट नजर नहीं आ रहा है। राउत का मानना है कि जब तक कोई स्वतंत्र न्यायिक जांच या सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच नहीं होती, तब तक सच का सामने आना मुश्किल है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी अपने विरोधियों या सहयोगियों के साथ 'इस्तेमाल और फेंकने' की राजनीति करती है, और अजित पवार के मामले में भी लोगों को कुछ ऐसा ही अंदेशा हो रहा है। इस बयान के बाद महायुति और महाविकास अघाड़ी के बीच जुबानी जंग और तेज होने की संभावना है।

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