संजय राउत (सोर्स: सोशल मीडिया) 
मुंबई

संजय राउत का बड़ा दावा: भविष्य में अस्तित्व खो देगी अजित पवार की NCP, बगावत करने वालों को अब हो रहा पछतावा

Sanjay Raut Statement On NCP: संजय राउत का बड़ा दावा, अजित पवार की NCP जल्द खो देगी अपना अस्तित्व! प्रफुल्ल पटेल और छगन भुजबल जैसे दिग्गज नेताओं को हो रहा है बगावत का पछतावा।

गोरक्ष पोफली

NCP Internal Conflict: शिवसेना (यूबीटी) के नेता और सांसद संजय राउत ने अजित पवार के नेतृत्व में निकली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के भविष्य को लेकर एक अत्यंत गंभीर और विवादास्पद दावा किया है। संजय राउत का स्पष्ट मानना है कि अजित पवार द्वारा स्थापित यह राजनीतिक दल भविष्य में अपना अस्तित्व खो देगा और टिक नहीं पाएगा। उन्होंने पार्टी के भीतर चल रहे आंतरिक संघर्षों और नेताओं के बीच बढ़ते असंतोष पर विस्तार से चर्चा की है।

दिग्गज भाजपा का हाथ थाम कर पछता रहे हैं

संजय राउत के अनुसार, एनसीपी (अजित पवार गुट) के प्रमुख स्तंभ माने जाने वाले नेता प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे, छगन भुजबल, हसन मुश्रीफ और धनंजय मुंडे अब पार्टी तोड़ने के अपने निर्णय पर गहरे पश्चाताप में हैं। राउत का दावा है कि इन नेताओं को अब यह महसूस होने लगा है कि अजित पवार को शरद पवार से अलग करना और उन्हें भाजपा के खेमे में ले जाना एक बड़ी गलती थी। उनके अनुसार, ये नेता अब अंदर ही अंदर महसूस कर रहे हैं कि उन्होंने खुद को भाजपा के अधीन करके अपनी राजनीतिक स्थिति को नुकसान पहुंचाया है।

पार्टी में बढ़ती अनुशासन की कमी

पार्टी के भीतर चल रहे इस तनाव को स्पष्ट करने के लिए राउत ने एक हालिया घटना का उल्लेख किया है। कथित तौर पर, पार्थ पवार ने छगन भुजबल को एक विशिष्ट ठेकेदार को काम देने का निर्देश दिया था, जिसे भुजबल ने मानने से इनकार कर दिया। इस घटना से नाराज होकर भुजबल ने यह तक कह दिया कि जब शरद पवार और अजित पवार एक साथ थे, तब कभी भी इस तरह की अनुचित मांगें या हस्तक्षेप नहीं होता था। राउत का तर्क है कि यह विवाद दर्शाता है कि पार्टी में अब अनुशासन की कमी है और वरिष्ठ नेताओं का सम्मान कम हो रहा है।

अजित पवार गुट बिखरने के कगार पर है

संजय राउत ने यह भी रेखांकित किया कि असंतोष की यह लहर अब केवल प्रफुल्ल पटेल या तटकरे तक सीमित नहीं है जिन्होंने पूर्व में शरद पवार से मुलाकात भी की थी, बल्कि यह अब छगन भुजबल जैसे कद्दावर नेताओं तक भी फैल चुकी है। वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर टिप्पणी करते हुए राउत ने कहा कि महाविकास अघाड़ी (MVA) के लिए सबसे अच्छी रणनीति यही है कि वे इन आंतरिक कलहों और पार्टी के पतन को केवल एक दर्शक की तरह देखते रहें और जो हो रहा है उसे होने दें। कुल मिलाकर, राउत का सारांश यह है कि वैचारिक मतभेदों और नेतृत्व के संकट के कारण अजित पवार का गुट बिखरने की कगार पर है।

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