संजय राउत ने दिल्ली के हालात पर प्रधानमंत्री मोदी पर हमला बोला।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तुलना हिटलर और मोगैंबो से की।
राउत ने कहा कि देश में तानाशाही का अंत निश्चित है।
Sanjay Raut Attacks PM Modi: दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिसिया कार्रवाई और बड़े पैमाने पर नेताओं की हिरासत के बाद राजनीतिक पारा चढ़ गया है। शिवसेना (UBT) के सांसद संजय राउत ने केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को हिरासत वाला राज्य करार दिया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राउत ने आरोप लगाया कि देश में इस समय पुलिस राज और इमरजेंसी जैसे हालात बन चुके हैं।
संजय राउत ने स्पष्ट किया कि दिल्ली में चल रहा विरोध प्रदर्शन किसी एक राजनीतिक दल या संगठन (CJP) तक सीमित नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र को बचाने के लिए देश के छात्रों और युवाओं की एक राष्ट्रीय क्रांति है।
उन्होंने कहा कि जब देश भर के युवा और छात्र सड़कों पर उतरते हैं, तो उसे क्रांति ही कहा जाता है। दिल्ली में जंतर-मंतर जाने से रोके गए 7,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों, पूर्व मुख्यमंत्रियों और सांसदों की गिरफ्तारी का हवाला देते हुए राउत ने कहा कि सरकार असहमति और विरोध की हर आवाज को जबरन दबाने का काम कर रही है।
केंद्र सरकार के रुख पर कड़ा एतराज जताते हुए संजय राउत ने जर्मनी के तानाशाह एडोल्फ हिटलर और इटली के बेनितो मुसोलिनी का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि हिटलर ने जर्मनी में अपने आखिरी दिनों में ठीक ऐसा ही व्यवहार किया था विरोधी आवाजों को दबाना, विपक्ष के नेताओं को जेल में डालना और आम लोगों को घरों में नजरबंद करना।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा तंज कसते हुए राउत ने कहा, मोगैंबो मोदी, इस बार मोगैंबो खुश नहीं होगा; इस बार मोगैंबो रोएगा, भागेगा और भूमिगत हो जाएगा। उन्होंने भाजपा पर भारत को एक बनाना रिपब्लिक में बदलने और प्रदर्शनकारियों का मुकाबला करने के लिए भगवा कपड़े पहने लोगों को तैनात करने का भी आरोप लगाया।
गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए राउत ने दावा किया कि दिल्ली में शाह के आवास के आसपास सुरक्षा के नाम पर 1,50,000 हथियारबंद पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जिन्हें खास तौर पर जम्मू-कश्मीर, छत्तीसगढ़ और असम से बुलाया गया है।
इसके साथ ही उन्होंने भाजपा के भीतर भारी असंतोष पनपने की बात कही। 1975 के आपातकाल का जिक्र करते हुए राउत ने याद दिलाया कि कैसे तत्कालीन कांग्रेस सरकार के खिलाफ जगजीवन राम और हेमवती नंदन बहुगुणा जैसे दिग्गजों ने बगावत की थी। राउत ने दावा किया कि मोदी मंत्रिमंडल के चार बड़े और वरिष्ठ नेता आपस में विचार-विमर्श कर रहे हैं और वर्तमान हालात से असहज हैं। उन्होंने भविष्यवाणी की कि अगले साल मार्च-अप्रैल के बाद प्रधानमंत्री मोदी सत्ता में नहीं रहेंगे।
मुंबई में प्रदर्शन के दौरान महात्मा गांधी के परपोते तुषार गांधी को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने की घटना को राउत ने बेहद शर्मनाक बताया और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।
अंत में, राहुल गांधी द्वारा दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के आह्वान का समर्थन करते हुए संजय राउत ने घोषणा की कि वे खुद दिल्ली जाएंगे। उन्होंने कहा कि चाहे गिरफ्तारी का सामना करना पड़े या पुलिस की लाठियों-गोलियों का, वे पीछे नहीं हटेंगे और लोकतंत्र की रक्षा के लिए डटकर मुकाबला करेंगे।