संजय राउत  (प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो सोर्स-AI)
मुंबई

राम मंदिर पर बरसे संजय राउत, सिद्धिविनायक दान विवाद पर काटी कन्नी! बोले- 'मुझे जानकारी नहीं'

Sanjay Raut Siddhivinayak Temple Row: उपचुनावों में बीजेपी की हार पर बोले संजय राउत। राम मंदिर पर केंद्र को घेरा, लेकिन सिद्धिविनायक मंदिर विवाद पर प्रतिक्रिया देने से बचे।

अनिल सिंह

Sanjay Raut Silence On Siddhivinayak Temple Donation: शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के वरिष्ठ सांसद संजय राउत ने बिहार के बांकीपुर उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को मिली हार का विश्लेषण करते हुए केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला। हालांकि, जब संवाददाताओं ने उनसे मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर में सामने आई वित्तीय अनियमितताओं और चोरी के आरोपों पर सवाल पूछा, तो उन्होंने स्पष्ट जवाब देने से परहेज किया।

संजय राउत ने कहा कि जिस विषय की उन्हें पूरी जानकारी नहीं है, उस पर वे कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। संजय राउत ने राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में मुखर होकर बयान दिया था और अब उनकी चुप्पी पर सत्ता पक्ष के लोगों ने सवाल उठाना शुरू कर दिया है। 

मोदी जी और बीजेपी की लोकप्रियता में आई भारी गिरावट

प्रेस कॉन्फ्रेंस में बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों का जिक्र करते हुए संजय राउत ने कहा कि यह जनादेश देश के मौजूदा राजनीतिक माहौल का स्पष्ट उदाहरण है। उन्होंने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर युवाओं और 'जेन जी' के आंदोलन को दबाने के लिए गोलियां चलाई गईं और राम मंदिर में हुई कथित गड़बड़ियों पर सरकार मौन रही।

राउत ने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान बजरंगबली के प्रतीकों का राजनीतिक इस्तेमाल करने जैसे कृत्यों को जनता ने पूरी तरह से नकार दिया है, क्योंकि बिहार की जनता के खून में राजनीति रची-बसी है।

सिद्धिविनायक मंदिर विवाद पर साधी चुप्पी

संवाददाताओं ने जब संजय राउत का ध्यान सिद्धिविनायक मंदिर न्यास के अध्यक्ष सदा सरवणकर के उन आरोपों की ओर दिलाया, जिसमें दावा किया गया था कि मंदिर में गड़बड़ी करने वाले कर्मचारियों की नियुक्ति पूर्व महापौर विशाखा राऊत (उद्धव गुट) के कार्यकाल में हुई थी, तो राउत बचते नजर आए।

राउत ने सफाई देते हुए कहा, "जिस विषय के बारे में मुझे पूरी जानकारी नहीं है, उस पर मैं कुछ नहीं कहूंगा। यह एक तकनीकी मामला है और मैं इस विषय की गहराई में नहीं गया हूं।"

उपचुनावों से ही तय होती है सत्ता परिवर्तन की दिशा

राउत ने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि उपचुनाव के नतीजों से हमेशा विपक्षी दलों का आत्मविश्वास बढ़ता है। उन्होंने याद दिलाया कि इतिहास में जब वी.पी. सिंह ने इलाहाबाद उपचुनाव जीता था, तो वहीं से तत्कालीन कांग्रेस सरकार के पतन की शुरुआत हुई थी।

उन्होंने दावा किया कि बांकीपुर में बीजेपी की हार यह दर्शाती है कि आम जनता अब महाविकास अघाड़ी और विपक्षी गठबंधन के रुख का समर्थन कर रही है।

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