'महाराष्ट्र एपस्टीन फाइल्स' को लेकर नोटिस भेजेंगी रूपाली चाकणकर (फोटो क्रेडिट-X) 
मुंबई

मैंने नहीं दी है NOC, अशोक खरात पर बन रही फिल्म को लेकर नोटिस भेजने की तैयारी में रूपाली चाकणकर

Rupali Chakankar Ashok Kharat Movie Notice: अशोक खरात पर आधारित फिल्म 'महाराष्ट्र एपस्टीन फाइल्स' को लेकर पूर्व महिला आयोग अध्यक्ष रूपाली चाकणकर भेजेंगी कानूनी नोटिस।

अनिल सिंह

Rupali Chakankar Legal Notice On Maharashtra Epstein Files: नासिक के बहुचर्चित वित्तीय घोटाले और सैकड़ों महिलाओं के यौन शोषण के आरोपी अशोक खरात के मामले ने एक बार फिर महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल ला दिया है। इस संवेदनशील और काले कारनामों के विषय पर बन रही आगामी फिल्म 'महाराष्ट्र एपस्टीन फाइल्स' के टीज़र रिलीज के बाद, राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रूपाली चाकणकर ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है।

चाकणकर ने साफ किया है कि उन्होंने अपने जीवन या किरदार पर फिल्म बनाने के लिए किसी भी तरह की अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) या अनुमति नहीं दी है, और वे इस मामले में निर्माताओं को कानूनी नोटिस भेजने की तैयारी कर रही हैं।

बिना अनुमति के बन रही है फिल्म, कोर्ट जाएंगी रूपाली चाकणकर

फिल्म के टीज़र के मुताबिक, इस बायोपिक या सच्ची घटनाओं पर आधारित सिनेमा में अभिनेत्री दीपाली सैयद, रूपाली चाकणकर से प्रेरित भूमिका में नजर आने वाली हैं। इस पूरे घटनाक्रम पर पहली बार खुलकर बोलते हुए चाकणकर ने चेतावनी दी कि यह पूरा मामला अभी अदालत में लंबित है। कानूनी नियमों के अनुसार, जब तक कोई मामला सब-जुडिस (न्यायालय के अधीन) होता है, तब तक उस पर किसी भी प्रकार की व्यावसायिक फिल्म का निर्माण नहीं किया जा सकता।

इसके अतिरिक्त, किसी भी जीवित व्यक्ति के जीवन या उससे जुड़े किरदार को पर्दे पर दिखाने के लिए संबंधित व्यक्ति की लिखित सहमति अनिवार्य है, जिसे फिल्म निर्माताओं ने पूरी तरह दरकिनार किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे दो दिनों के भीतर संबंधितों को लीगल नोटिस थमाएंगी।

केवल मुझे ही निशाना क्यों बनाया गया

अशोक खरात के साथ अपनी वायरल तस्वीर और वित्तीय संबंधों के आरोपों के बाद महिला आयोग और राष्ट्रवादी महिला पार्टी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे चुकीं रूपाली चाकणकर ने अपना दर्द बयां किया। उन्होंने कहा, "मेरा परिवार भी खरात के पास उसी आस्था और भावना के साथ गया था, जिसके साथ महाराष्ट्र के कई बड़े राजनीतिक, सामाजिक और अलग-अलग क्षेत्रों के दिग्गज जा रहे थे।

लेकिन राजनीतिक द्वेष के चलते सिर्फ मुझे और मेरे परिवार को निशाना बनाया गया। मेरा बेटा और भतीजा राजनीति में भी नहीं हैं, वे पढ़ाई कर रहे हैं, इसके बावजूद उन पर घटिया और बेबुनियाद आरोप लगाए गए।"

अंजलि दमानिया समेत कई नेताओं को भेजा गया नोटिस

अपनी छवि धूमिल करने वालों के खिलाफ कानूनी जंग का ब्यौरा देते हुए चाकणकर ने बताया कि उन्होंने बिना सबूत के आरोप लगाने वाली कई महिला नेताओं पर पहले ही कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने बताया, "मैंने आशा मिराज को नोटिस भेजा था, जिसे तीन बार उन्होंने स्वीकार नहीं किया।

इसके बाद मुझे अपने गांव की अदालत में आपराधिक शिकायत दर्ज करानी पड़ी, जिसके बाद आज (2026 में) मिराज कोर्ट में पेश हुईं और अगली सुनवाई 23 अप्रैल तय हुई है।" चाकणकर ने आगे बताया कि उन्होंने दिल्ली उच्च न्यायालय में भी मुकदमा दायर किया है और इस मामले में राजनीति से जुड़ीं रूपाली थोम्ब्रे, सुषमा अंधारे और सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया को भी मानहानि के नोटिस भेजे जा चुके हैं।

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