RTO Action Against Non-Marathi Auto-Rickshaw And Taxi Drivers: महाराष्ट्र में मराठी भाषा सख्ती का नया दौर शुरु हो गया है। मुंबई में ऑटो रिक्शा और कैब ड्राइवरों के लिए व्यवहारिक मराठी का ज्ञान अनिवार्य करने के नियम को परिवहन विभाग ने सख्ती से लागू करना शुरू कर दिया है। अभियान के दूसरे दिन मुंबई महानगर क्षेत्र में 3,942 और राज्य के अन्य हिस्सों में 5,211 चालकों की जांच की गई। इनमें से कुल 1,499 चालकों को व्यवहारिक मराठी का पर्याप्त ज्ञान नहीं होने पर नोटिस जारी की गई। यह जांच 30 सितंबर तक चलेगी।
महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने स्पष्ट किया है कि नोटिस मिलने के बाद एक महीने की अवधि में मराठी नहीं सीखने पर संबंधित चालक का बैज तीन महीने के लिए निलंबित किया जाएगा। मुंबई महानगर क्षेत्र में 3,942 चालकों की जांच में 722 ड्राइवर व्यवहारिक मराठी के ज्ञान में कमी वाले पाए गए।
वहीं राज्य के अन्य हिस्सों में 5,211 चालकों की जांच की गई, जिनमें 777 चालकों को नोटिस जारी की गई। परिवहन विभाग की यह जांच मुहिम 30 सितंबर तक जारी रहेगी। इस दौरान सभी व्यावसायिक वाहन चालकों के मराठी ज्ञान की जांच की जाएगी। परिवहन विभाग ने कार्रवाई की प्रक्रिया भी स्पष्ट कर दी है। पहले चरण में व्यवहारिक मराठी का ज्ञान नहीं होने पर चालक को नोटिस दी जाएगी।
मुंबई महानगर क्षेत्र : 3,942 जांच, 722 नोटिस
शेष महाराष्ट्र: 5,211 जांच, 777 नोटिस
अभियान की अवधि: 20 अगस्त से 30 सितंबर 2026
दूसरे चरण में नोटिस मिलने के एक महीने के भीतर संबंधित चालक के लिए व्यवहारिक मराठी सीखना अनिवार्य होगा। तीसरे चरण में निर्धारित अवधि में मराठी का ज्ञान साबित नहीं करने पर चालक का बैज तीन महीने के लिए निलंबित कर दिया जाएगा।
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि व्यावसायिक वाहन चालकों को मराठी आना केवल नियमों का विषय नहीं, बल्कि यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा से भी जुड़ा है। चालकों को मराठी सीखने के लिए पर्याप्त समय दिया जा रहा है, लेकिन निर्धारित अवधि के बाद भी नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।