Rohit Pawar Tweet Maharashtra Ladki Bahin Yojana Ujjwala: केंद्र सरकार द्वारा साल 2016 में समाज के आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित परिवारों की महिलाओं के लिए प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत की गई थी। इस योजना के तहत शुरुआत में लाभार्थियों को एक वर्ष में 12 (घरेलू गैस) एलपीजी सिलेंडरों पर सीधे बैंक खाते में सब्सिडी दी जाती थी। हालांकि, पिछले कुछ समय में नीतिगत बदलावों के कारण पहले इन सिलेंडरों की संख्या को घटाकर 12 से 9 किया गया था। अब सरकार के एक और नए निर्णय के अनुसार इस सीमा को और भी अधिक सीमित कर दिया गया है, जिसके तहत अब लाभार्थियों को पूरे वर्ष में केवल 4 गैस सिलेंडरों पर ही सब्सिडी का लाभ मिल सकेगा।
सरकार के इस नए फैसले के कारण देश भर के करोड़ों गरीब परिवारों के बजट पर सीधा असर पड़ा है, जिससे विपक्ष को सरकार पर हमला करने का एक बड़ा मुद्दा मिल गया है। शरद पवार गुट के नेता रोहित पवार ने इस पर पलटवार किया है, रोहित ने उज्जवला योजना में की गई कांट-छांट को सीधे लाडकी बहिन योजना से जोड़ दिया है। रोहित ने दावा किया है कि आने वाले वक्त में लाडकी बहिन योजना भी (पहले सिमित और बाद में) बंद कर दी जाएगी।
इस बड़े फैसले को लेकर एनसीपी (शरद पवार गुट) के वरिष्ठ नेता और विधायक रोहित पवार ने अपने आधिकारिक एक्स (ट्विटर) हैंडल पर एक बेहद आक्रामक पोस्ट लिखा है। उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या 12 से 9 की गई और अब चुपके से उसे 9 से घटाकर केवल 4 पर ला दिया गया है। रोहित पवार ने देश की जनता को आगाह करते हुए कहा कि यदि यह सरकार कल को इस पूरी उज्ज्वला योजना को ही हमेशा के लिए बंद कर दे, तो इसमें किसी को कोई अचरज नहीं होना चाहिए क्योंकि इस सत्ताधारी गठबंधन का चरित्र ही ऐसा रहा है।
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उज्ज्वला योजना की कटौती का सीधा संबंध महाराष्ट्र की स्थानीय राजनीति से जोड़ते हुए रोहित पवार ने राज्य की 'मुख्यमंत्री लाडकी बहिन योजना' को लेकर एक बेहद सनसनीखेज दावा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि ठीक यही तरीका महाराष्ट्र में भी अपनाया जा रहा है। विधानसभा चुनावों के दौरान महिलाओं के वोट हासिल करने के लिए पहले इस योजना का बढ़-चढ़कर प्रचार किया गया और बड़े-बड़े वित्तीय लाभ दिए गए। लेकिन जैसे ही चुनाव संपन्न हुए और वोटों की गिनती पूरी हुई, सरकार ने अलग-अलग कड़े मापदंड और नियम लागू करके रातों-रात लगभग 80 लाख लाडकी बहिनों को इस योजना की सूची से बाहर का रास्ता दिखा दिया।
अपने सोशल मीडिया पोस्ट के अंत में रोहित पवार ने चेतावनी भरे लहजे में लिखा कि आने वाले दिनों में सरकार कुछ और पेचीदा तथा कठिन मापदंड लेकर आएगी, जिसके बाद केवल उतनी ही प्रिय बहनों को इस योजना का लाभ मिल पाएगा जिन्हें उंगलियों पर गिना जा सके। बाकी सभी महिलाओं को इस योजना के दायरे से बाहर कर दिया जाएगा या फिर बजट की कमी का बहाना बनाकर इस योजना को ही पूरी तरह ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा। उन्होंने महायुति को एक 'विश्वासघाती सरकार' बताते हुए कहा कि अगले चुनावों में जनता को लुभाने के लिए फिर से किसी नई योजना का अस्थायी प्रलोभन दिखाया जाएगा क्योंकि यह सरकार केवल सत्ता में बने रहने के लिए जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करती है।