Rohit Pawar On Chandwal Commission Report: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख पर लगे 100 करोड़ रुपये के कथित वसूली कांड का मामला गरमा गया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के वरिष्ठ नेता और विधायक रोहित पवार ने राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को एक पत्र लिखकर बेहद अहम मांग उठाई है। रोहित पवार ने पत्र के जरिए चांदीवाल आयोग की 1,400 पन्नों की जांच रिपोर्ट को तुरंत सार्वजनिक करने का आग्रह किया है, ताकि इस पूरे मामले में दूध का दूध और पानी का पानी हो सके।
यह पूरा विवाद साल 2021 में शुरू हुआ था। तत्कालीन गृह मंत्री अनिल देशमुख पर मुंबई पुलिस के पूर्व आयुक्त परमबीर सिंह ने हर महीने 100 करोड़ रुपये की उगाही का गंभीर आरोप लगाया था। हालांकि, यह आरोप सुनी-सुनाई बातों और पूर्व बयानों पर आधारित थे।
मामले की संवेदनशीलता और सच्चाई को सामने लाने के लिए तत्कालीन राज्य सरकार ने 30 मार्च 2021 को 'जांच आयोग अधिनियम, 1952' के तहत एक न्यायिक आयोग का गठन किया। इस विशेष जांच आयोग की अध्यक्षता बॉम्बे हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस के.यू. चांदीवाल ने की थी।
जस्टिस चांदीवाल आयोग ने सभी सबूतों की गहन जांच की और 13 महीने तक लंबी जांच के बाद 1,400 पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट 26 अप्रैल 2022 को राज्य सरकार को सौंप दी थी।
रोहित पवार ने अपने पत्र में बताया कि इस जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करने के लिए खुद अनिल देशमुख ने मुख्यमंत्री को 13 बार पत्र लिखा है। उन्होंने 27 फरवरी 2024, 7 जुलाई 2024, 18 जुलाई 2024, 27 सितंबर 2024, 22 दिसंबर 2024, 15 जनवरी 2025, 30 मई 2025, 28 दिसंबर 2025, 15 फरवरी 2026, 27 मार्च 2026, 16 जून 2026, 31 जुलाई 2026 और 20 अगस्त 2026 को पत्राचार किया है। इसके अलावा राज्यपाल को भी दो बार पत्र लिखकर रिपोर्ट तुरंत सार्वजनिक करने की विनती की थी।
हालांकि बार-बार मांग करने के बावजूद और चार साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी राज्य सरकार ने यह रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की है और रिपोर्ट दबाकर रखी है। विधायक रोहित पवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से विनती की है कि वे उक्त रिपोर्ट को तुरंत सार्वजनिक कर सच को सामने लाएं।