मोहन भागवत और देवेंद्र फडणवीस (सोर्स: सोशल मीडिया)
मुंबई

धार्मिक सहिष्णुता हिंदुओं को न सिखाएं... RSS प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर बोले CM देवेंद्र फडणवीस

Devendra Fadnavis On Mohan Bhagwat: मोहन भागवत के बयान पर महाराष्ट्र के CM फडणवीस ने कहा कि हिंदुत्व की आत्मा सहिष्णुता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सहिष्णुता हिंदुओं के सिद्धांतों में समाहित है।

गोरक्ष पोफली

Devendra Fadnavis On RSS Chief: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रतिक्रिया दी। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वे मोहन भागवत के कहे पर कभी टिप्पणी नहीं करते, लेकिन इसके पीछे का सिद्धांत बिल्कुल सही है क्योंकि हिंदुत्व का आत्मा सहिष्णुता है।

सीएम फडणवीस ने कहा, सबसे पहले तो हम मोहन भागवत ने जो कहा है उस पर कभी टिप्पणी नहीं करते। हालांकि इसके पीछे का सिद्धांत बिल्कुल सही है क्योंकि हिंदुत्व का सार सहिष्णुता है।

भारतीय सभ्यता और सहिष्णुता का इतिहास

हिंदू सभ्यता दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक है और इसके जीवित रहने का कारण यह है कि हमने अपने मूल सिद्धांतों को मजबूत रखा है। दुनिया भर से आक्रमणों के बावजूद हमने उन्हें सहिष्णुता के साथ सहा और कई आक्रमणकारी भी हमारी सांस्कृतिक संरचना में घुल-मिल गए।

हिंदुओं को न सिखाएं धार्मिक सहिष्णुता

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आगे कहा, जग भर के ठुकराए हुए लोगों को भारत ने न केवल अपनाया, बल्कि अपनी संस्कृति का हिस्सा बनाया। उन्हें भारत की मुख्यधारा में लाया। इसलिए मैं हमेशा कहता हूं कि धार्मिक टॉलरेंस या सहिष्णुता हिंदुओं को मत सिखाइए। हिंदुओं के खून में ही सहिष्णुता है और हिंदुत्व का एक बड़ा मायने सहिष्णुता है।

सहिष्णुता का अर्थ यह नहीं है कि मार खाना है, इसका अर्थ है कि सबको साथ लेकर चलना, सबके साथ हमारा समभाव हो और सभी धर्मों को हम इज्जत दें। ये हमको हिंदुत्व ने सिखाया है। कोई आपके ऊपर हमला करता है तो उसका प्रतिकार होना चाहिए, लेकिन हिंदू कभी हमला नहीं करता। वह हमेशा सबको साथ लेकर चलने का काम करता है।

न्यूयॉर्क में मोहन भागवत का संबोधन

बता दें कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने न्यूयॉर्क में 'वन वर्ल्ड, वन ह्यूमैनिटी' कार्यक्रम में 30 देशों के 180 से ज्यादा प्रतिभागियों को संबोधित किया था। इस दौरान उन्होंने मुसलमानों को लेकर संगठन के नजरिए पर पूछे गए सवालों का जवाब दिया।

उन्होंने 2018 में दिल्ली में मुस्लिम प्रतिभागियों के साथ हुई बातचीत को याद करते हुए कहा था, तब मैंने कहा था- नहीं। वह हिंदू नहीं है। अगर कोई हिंदू सोचता है कि भारत में कोई मुसलमान नहीं होना चाहिए, तो वह हिंदू नहीं रहेगा। अगर आप खुद को हिंदू कहना चाहते हैं, तो आपको यह मानना होगा कि सभी रास्ते एक ही ओर ले जाते हैं। हर इंसान की एक गरिमा है। इंसानों में कोई भेद नहीं है।

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