रामदास आठवले और शरद पवार (सोर्स: सोशल मीडिया)
मुंबई

रामदास आठवले का महायुति में सीट बंटवारे पर नाराज, बोले- शरद पवार ने दी 7 सीटें, BJP ने एक भी नहीं

Ramdas Athawale Mahayuti Seat Sharing: रामदास आठवले ने महायुति में RPI को सत्ता में उचित हिस्सेदारी देने की मांग की। उन्होंने कहा कि शरद पवार के साथ रहते 7 विधान परिषद सीटें मिली थीं, BJP के साथ नहीं।

आलोक उमाकृष्ण

Mahayuti RPI Seat Sharing Sharad Pawar BJP: केंद्रीय राज्यमंत्री और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (RPI) आठवले गुट के प्रमुख रामदास आठवले महायुति में सत्ता के बंटवारे को लेकर असहज हैं।

उन्होंने सार्वजनिक रूप से नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि शरद पवार के साथ रहने के दौरान उनकी पार्टी को विधान परिषद की 7 सीटें मिली थीं, लेकिन वर्ष 2012 से बीजेपी के साथ रहने के बाद एक भी सीट नहीं दी गई।

RPI को सत्ता में उचित हिस्सेदारी देने की मांग

रामदास आठवले ने कहा कि लोकसभा और विधानसभा चुनावों के साथ-साथ स्थानीय निकायों तथा मुंबई महानगरपालिका के चुनावों में भी उनकी पार्टी को अपेक्षित प्रतिनिधित्व नहीं मिला है।

उन्होंने कहा कि वे इसे उत्पीड़न के रूप में नहीं देखते, लेकिन गठबंधन में शामिल बड़े दलों को सहयोगी दलों की राजनीतिक हिस्सेदारी का भी ध्यान रखना चाहिए। रामदास आठवले ने मांग की कि रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आरपीआई) को सत्ता में उचित प्रतिनिधित्व दिया जाए।

इसके साथ ही उन्होंने मंत्री पदों में भी पार्टी को पर्याप्त हिस्सा देने की बात कही। उनके मुताबिक, गठबंधन की राजनीति में सभी सहयोगी दलों को सम्मानजनक प्रतिनिधित्व मिलने से संगठनात्मक समन्वय मजबूत होगा और गठबंधन के भीतर उनकी भूमिका भी स्पष्ट होगी।

रिपब्लिकन एकजुटता पर बल

रामदास आठवले ने रिपब्लिकन विचारधारा से जुड़े सभी धड़ों को एकजुट करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बाबासाहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की सोच के अनुरूप समाज के सभी रिपब्लिकन समूह, वर्ग और संगठन एक मंच पर नहीं आ सके हैं।

इसके कारण रिपब्लिकन आंदोलन और संगठन की राजनीतिक क्षमता सीमित रही। आठवले के मुताबिक, अलग-अलग धड़ों में बंटे रहने से समाज की सामूहिक ताकत का पूरा इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है।

उन्होंने कहा कि यदि सभी रिपब्लिकन संगठन और समूह आपसी मतभेदों को दूर कर एकजुट होते हैं, तो पार्टी की राजनीतिक ताकत बढ़ सकती है। साथ ही, इससे समाज की आवाज भी अधिक प्रभावी तरीके से राजनीतिक मंच पर उठाई जा सकेगी।

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ फिर सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी, हिरासत में लिए गए नेहा बोरा समेत कई लोग

शुभेंदु का मास्टर स्ट्रोक! बंगाल में UCC लागू करने का दावा, 'लव जिहाद' और धर्मांतरण पर बनेगा सख्त कानून

बंदूक छोड़ जब 200 नक्सलियों ने थामा विकास का हाथ, जानिए कैसे हुआ गड़चिरोली का इंडस्ट्रियल टेकऑफ

भारत पर बढ़ा दुनिया का भरोसा! मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और तेज विकास ने बनाया निवेशकों की पहली पसंद

झूठ बोलने वाले नेताओं में राहुल गांधी का नाम सबसे ऊपर होगा... भाजपा विधायक राम कदम का तीखा हमला