Maharashtra Politics Raju Waghmare Raj Thackeray: शिवसेना के प्रवक्ता राजू वाघमारे ने मनसे प्रमुख राज ठाकरे और शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट पर एक साथ निशाना साधा।
उन्होंने राज ठाकरे के पत्र वाले आरोपों को बेबुनियाद बताया और उद्धव ठाकरे की बैठक पर भी तंज कसा। साथ ही वाघमारे ने वीर सावरकर पर दिए बयानों और चोरी के मामले में सरकार की कार्रवाई का भी जिक्र किया।
राजू वाघमारे ने आईएएनएस से कहा, “ऐसा लगता है कि इस समय राज ठाकरे के पास कोई काम नहीं है। इसलिए ऐसे आरोप लगाने से पहले उन्हें अच्छी तरह सोच-समझ लेना चाहिए था। उन्होंने जो चिट्ठी पढ़कर सुनाई और जिसका जिक्र किया, वह उन्हें किसी ने दी थी। हमें तो यह भी नहीं पता कि वह चिट्ठी असल में हम तक पहुंची भी है या नहीं।
कागज का एक टुकड़ा उठाकर यह दावा करना बहुत आसान है कि किसी ने शिंदे को चिट्ठी लिखी है और उसी के आधार पर आरोप लगा दिए जाएं। इस बारे में हमारे सिद्धिविनायक मंदिर के ट्रस्टी, सदा सरवणकर जी, पहले ही कह चुके हैं कि ऐसी कोई बात नहीं है। राज ठाकरे अक्सर अधूरी जानकारी के आधार पर ऐसे बयान देते रहते हैं।”
वाघमारे ने विपक्ष पर भी हमला बोलते हुए कहा, “विपक्ष के पास इस समय बात करने के लिए कोई मुद्दा नहीं बचा है। उनके पास बस यही मुद्दे हैं। हाल ही में हुई चोरी के मामले में आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, एसआईटी बनाई गई है और जांच चल रही है। जो भी इसमें शामिल पाया जाएगा, उसे पकड़ा जाएगा और कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी। सरकार यह बात पहले ही साफ कर चुकी है।”
शिवसेना प्रवक्ता ने उद्धव ठाकरे की हालिया बैठक पर भी तंज कसते हुए कहा कि अब उनकी बैठकों में कार्यकर्ताओं की संख्या पहले जैसी नहीं रही। उन्होंने कहा कि इसी कारण अब युवा पीढ़ी, विशेषकर ‘जेन जी’, को पार्टी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। वाघमारे का कहना था कि हाल के आंदोलन के बाद विपक्ष को युवाओं की एकजुटता का एहसास हुआ है, जबकि युवाओं की भागीदारी उनके अपने मुद्दों और उद्देश्यों पर आधारित थी।
वीर सावरकर को लेकर हुए विवाद पर वाघमारे ने कहा, “सबसे पहले तो, अगर कोई सम्मानित वीर सावरकर जी के बारे में गलत बयान देता है, तो वह कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी ही हैं। दूसरी बात, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बारे में जो कहा, वह बहुत सही बात थी। कभी-कभी लोग गलतियां कर बैठते हैं, लेकिन ऐसी गलतियां नहीं होनी चाहिए। किसी की मां या किसी बुजुर्ग व्यक्ति के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करना गलत है। यह हमारी संस्कृति के खिलाफ है।”