हमें मिलेगा शिवसेना का चुनाव चिह्न, नहीं तो फ्रीज होगा धनुष बाण; उद्धव ठाकरे का बड़ा दावा, शिंदे को लगेगा झटका

Uddhav Thackeray On Shiv Sena Symbol: उद्धव ठाकरे ने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट से पार्टी और चुनाव चिह्न उन्हें ही मिलेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं को चुनावी तैयारी में जुटने कहा।
Uddhav Thackeray On Shiv Sena Symbol
उद्धव ठाकरे व एकनाथ शिंदे (डिजाइन फोटो, सोर्स: AI)
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Shiv Sena Symbol Dispute: पिछले चार सालों से जारी शिवसेना पार्टी के नाम और उसके आधिकारिक चुनाव चिह्न से जुड़े कानूनी विवाद पर पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने एक बहुत बड़ा और अहम बयान दिया है। उद्धव ठाकरे ने पूरा भरोसा जताया कि सुप्रीम कोर्ट से शिवसेना का नाम और 'धनुष-बाण' चुनाव चिन्ह आखिरकार उनके ही गुट को मिलेगा। उन्होंने कहा कि अगर चुनाव चिह्न उन्हें नहीं मिलता है, तो उसे अदालत उसे फ्रीज कर देगी। अगर ऐसा होता है तो उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे गुट को बड़ा झटका लग सकता है।

शिवसेना भवन में हुई अहम बैठक

मुंबई स्थित शिवसेना यूबीटी भवन में उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में पार्टी के जिला प्रमुखों और संपर्क प्रमुखों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। इसमें उद्धव ठाकरे ने विश्वास जताया कि शिवसेना पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न की लड़ाई में उनका गुट ही जीतेगा।

उद्धव ठाकरे ने पदाधिकारियों को दी सख्त हिदायत

शिवसेना यूबीटी भवन में हुई बैठक में पार्टी की आगे की रणनीतियों पर मंथन किया गया। बैठक के दौरान उद्धव ठाकरे ने पदाधिकारियों को संगठन मजबूत करने का निर्देश देते हुए सख्त लहजे में कहा कि जो लोग अपनी जिम्मेदारी सही तरीके से निभाने में असमर्थ हैं, उन्हें अपना पद छोड़ देना चाहिए ताकि उन्हें कोई अन्य काम सौंपा जा सके।

उद्धव ठाकरे ने कहा कि पदाधिकारियों को पार्टी कैडर को मजबूत करने और ज्यादा से ज्यादा कार्यकर्ताओं को जोड़ने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने आने वाले ग्राम पंचायत चुनावों पर विशेष ध्यान देने और 2029 के आगामी लोकसभा व विधानसभा चुनावों की तैयारी अभी से शुरू करने का आह्वान किया।

सुप्रीम कोर्ट में 4 सालों से लंबित है शिवसेना का मामला

बता दें कि साल 2022 में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसेना में हुई बगावत के बाद चुनाव आयोग ने शिंदे गुट को ही असली शिवसेना मानते हुए उन्हें 'धनुष-बाण' चुनाव चिह्न आवंटित कर दिया था। चुनाव आयोग के इस फैसले के खिलाफ उद्धव ठाकरे गुट ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिस पर पिछले चार सालों से सुनवाई जारी है।

उद्धव ठाकरे ने SIR पर ध्यान देने कहा

इस बीच, 8 अगस्त तक SIR अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश जारी किए गए। पदाधिकारियों को अपने-अपने डिवीजनों और जिलों में नागरिकों का पंजीकरण पूरा करने का निर्देश दिया गया। ठाकरे ने इस बात पर जोर दिया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि SIR प्रक्रिया के दौरान किसी भी पात्र व्यक्ति का नाम न छूटे।

उद्धव ठाकरे ने यह भी मांग की कि सरकार उन छात्रों से माफी मांगे जिन्होंने NEET पेपर लीक के बाद आत्महत्या की थी। उन्होंने आगे कहा कि सरकार को उन छात्रों से भी माफी मांगनी चाहिए जिन्हें इस संकट के दौरान लाठीचार्ज का सामना करना पड़ा था।

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